Aaj ki Tithi 30 May 2024: गुरुवार 30 मई 2024 को विक्रम संवत 2081, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी-अष्टमी तिथि रहेगी। सुबह 11.43 बजे तक सप्तमी तिथि रहेगी जिसे भद्रा तिथि माना गया है। इसका स्वामी सूर्य है एवं यह मित्रवत तिथि है। इसे अधिकांश शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना गया है। सुबह 11.43 बजे सप्तमी तिथि समाप्त होकर अष्टमी तिथि लग जाएगी जिसे जया संज्ञक तिथि माना गया है। इस तिथि के स्वामी भगवान शिव स्वयं हैं अतः यह सभी मनोरथों को पूर्ण करने वाली और उत्तम मानी गई है। अतः इस समयान्तराल में कोई भी शुभ कार्य आरंभ किया जा सकता है।
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कल धनिष्ठा और शतभिषा नक्षत्र भी रहेंगे। धनिष्ठा नक्षत्र सुबह 7.31 बजे तक रहेगा। इसका स्वभाव चर, आकृति मृद्ग, तथा मुख स्थिति ऊर्ध्व मुख है। धनिष्ठा को भी अधिकांश शुभ कार्यों के लिए प्रशस्त माना गया है। धनिष्ठा नक्षत्र समाप्त होने के बाद शतभिषा नक्षत्र आरंभ होगा जिसके स्वामी वरुण एवं स्वभाव चर है। इसे भी बहुत से कार्यों को आरंभ करने हेतु उत्तम बताया गया है। इस प्रकार तिथि और नक्षत्रों के शुभ संयोग में आप भी किसी उत्तम कार्य को कर सकते हैं।
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वैदिक पंचांग के अनुसार रात्रि 11.25 बजे से 12.56 बजे तक अमृत काल रहेगा। सुबह 5.33 बजे से 7.16 बजे तक शुभ का चौघड़िया रहेगा। दोपहर 12.25 बजे से 2.07 बजे तक लाभ का चौघड़िया रहेगा। सायं 7.16 बजे से 8.53 बजे तक अमृत का चौघड़िया रहेगा। इनके साथ ही सुबह रवि योग भी रहेगा। हालांकि दोपहर 2.07 बजे से 3.50 बजे तक राहुकाल रहेगा जिसे अशुभ माना गया है। राहुकाल को छोड़कर आप बाकी मुहूर्तों में किसी भी शुभ कार्य का शुभारंभ कर सकते हैं।
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