Jaipur Aaj Ka Panchang 2 March 2024: वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार शनिवार 2 मार्च 2024 को विक्रम संवत 2080, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी-सप्तमी तिथि रहेगी। षष्ठी सुबह 7.53 बजे तक तथा उसके बाद सप्तमी तिथि आरंभ होगी। सूर्योदय सुबह 6.50 बजे तथा सूर्यास्त सायं 6.29 बजे होगा। चंद्रोदय अर्द्धरात्रि बाद 12.35 बजे होगा। जानिए शनिवार को कौनसे शुभ मुहूर्त रहेंगे।
चन्द्रमा सुबह 8.17 बजे तक तुला राशि में उसके बाद वृश्चिक राशि में रहेगा। दोपहर 2.42 बजे तक विशाखा, तत्पश्चात् अनुराधा नक्षत्र रहेंगे। शिव का वास कल सुबह 7.53 बजे तक भोजन में उसके बाद श्मशान में रहेगा। अग्नि का वास सुबह 7.53 बजे तक आकाश में एवं उसके बाद पाताल में रहेगा। राहुकाल एवं दिशा शूल दोनों पूर्व दिशा में रहेंगे।
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ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार फाल्गुन कृष्ण सप्तमी पर त्रिपुष्कर योग एवं रवि योग बन रहे हैं जिन्हें शास्त्रों में अत्यन्त शुभ माना गया है। त्रिपुष्कर योग सुबह 7.53 बजे से दोपहर 2.42 बजे तक, एवं रवि योग सुबह 6.50 बजे से दोपहर 2.42 बजे तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त का समय दोपहर 12.16 बजे से 1.02 बजे तक रहेगा। अमृतकाल सुबह 4.59 बजे से 6.40 बजे तक एवं विजय मुहूर्त दोपहर 2.35 बजे से 3.21 बजे तक रहेगा। माना जाता है कि त्रिपुष्कर योग में जो भी किया जाए, वह तीन बार होता है। अतः इसमें शुभ कार्य करने चाहिए।
सुबह 8.17 बजे से 9.44 बजे तक शुभ का चौघड़िया रहेगा। दोपहर 3.34 बजे से 5.01 बजे तक अमृत का चौघड़िया रहेगा। रात्रि 9.34 बजे से अर्द्धरात्रि बाद 12.39 बजे तक क्रमशः शुभ एवं अमृत का चौघड़िया रहेंगे। इस प्रकार कल का दिन सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम रहने वाला है। आप भी अपनी सुविधानुसार मांगलिक कार्य कर पाएंगे।
राहुकाल सुबह 9.44 बजे से 11.12 बजे तक है। यमगंड योग दोपहर 2.06 बजे से 3.34 बजे तक एवं दूर्मुहूर्त योग सुबह 6.50 बजे से 8.23 बजे तक रहेगा। कल भद्रा भी रहेगी। भद्रा सुबह 7.53 बजे आरंभ होगी एवं इसका समापन रात्रि 8.24 बजे होगा। इन सभी योगों एवं अशुभ मुहूर्तों को शुभ कार्य करते समय टाल देना चाहिए।
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ज्योतिष में शनिवार को शनि ग्रह संबंधी कार्य करना उत्तम बताया गया है। इस दिन प्रोपर्टी, फ्लैट, आभूषण आदि खरीदना शुभ बताया गया है। इनके साथ ही शनि देव की शांति के निमित्त किए जाने वाले कार्य भी करना उत्तम है। शनिवार को सुंदर कांड का पाठ करना अथवा हनुमानजी की आराधना करना भी भक्तों के समस्त कष्ट दूर करता है। शनि संबंधी वस्तुओं का दान देने से आर्थिक समृद्धि प्राप्त होती है।
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