Lata Mangeshkar Birth Anniversary: घर वालों के मिले ताने ..जहर भी दिया गया, फिर ऐसे लता बनी स्वर कोकिला भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जन्मदिन की आज 94वीं बर्थ एनिवर्सरी है। अपनी आवाज के जरिये उन्होंने ऐसा कोई सम्मान नहीं जो अपने जीवनकाल में न पाया हो। उनकी आवाज में करीब 50 हजार से भी ज्यादा गाने रिकॉर्ड हुए। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि उनके परिवार वाले उन्हें परिवार का नाम डुबोने वाली बच्ची कहा करते थे। यही नहीं लता दीदी खुद भी अपने जीवन को दुबारा जीने की इच्छुक नहीं थी। यही नहीं उनकी कामयाबी को देखकर उनके परिवार के ही कई लोग उनकी जान के दुशमन बन गए थे।
घर वालों ने कहा था नाम डुबोने वाली
लता मंगेशकर lata mangeshkar ने देश ही नहीं दुनिया में भी खुद का और देश का नाम रोशन किया। इसी लता दीदी के लिए बचपन में उनके परिवार वाले कहा करते थे कि वो उनके परिवार का खराब कर देंगी। उनके पिता के गुजरने के बाद परिवार के कई सदस्यों ने उनकी पतली आवाज को उनकी कमी बताकर परिवार का नाम डुबोने जैसी बात कही थी।
संगीत नहीं था पसंद
लता मंगेशकर lata mangeshkar के गाने सदाबहार हैं। फिर भी क्या आप जानते हैं कि वे गानों को ही पसंद नहीं करती थी। लता दीदी तो राजनीति में जाकर देश सेवा करना चाहती थी। तब उन्हें वीर सावरकर से कहा कि उन्हें पिता की तरह संगीत का क्षेत्र चुनना चाहिए।
लता मंगेशकर को भारत की स्वर कोकिला lata mangeshkar का दर्जा दिलाने में कई लोगों का हाथ माना जाता है। वीर सावरकर, गुलाम हैदर, अनिल बिस्वास मास्टर गुलाम हैदर और कंपोजर अनिल बिस्वास ये उन्होंने सांस पर ठहराव कैसे लेना है। नूरजहां, दिलीप कुमार।
जहर देकर हुई थी मारने की कोशिश
लता मंगेशकर lata mangeshkar की जान लेने के लिए भी कई कोशिशें की गई थी। एक बार उनके बीमार होने पर जांच में पता लगा था कि उन्हें मारने के लिए घर में ही जहर दिया जा रहा था। उनके घर का नौकर ही उन्हें मारने के लिए उनके खाने में धीमा जहर मिला कर दिया करता था।
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