Aditya L1 Mission: भारत का सूर्य मिशन किस तरह संभव होगा? जिस सूरज की गर्मी को इंसान और उसके द्वारा बनाई गई कोई भी चीज सहन नहीं कर सकती तो फिर हमारा स्पेसक्राफ्ट Aditya L1 कैसे झेल सकेगा? ऐसे कई सवाल है, जो हर व्यक्ति के मन में इस तरह उठ रहे हैं। आज इन्ही सवालों के जवाब लेकर हम यह लेख लिख रहे है, जिसमें आपके मन में चल रही कई गुत्थियां सुलझ जाएंगी। चलिए एक नजर डालते है नीचे की तरफ लिखी जानकारी पर-
यह भी पढ़े: Aditya L1 Mission: कितने दिनों में सूर्य तक पहुंचेगा भारत का अंतरिक्ष यान? जानें किस तरह करेगा काम
सूरज की सतह से थोड़ा ऊपर यानी फोटोस्फेयर होता हैं, जिसका तापमान करीब 5500 डिग्री सेल्सियस तक होता है। उसके केंद्र का तापमान 1.50 करोड़ डिग्री सेल्सियस अधिकतम होता है। इस वजह से इंसान द्वारा बनाये गए किसी भी स्पेसक्राफ्ट का वहां तक जाना संभव नहीं हैं। सूरज की गर्मी को बर्दाश्त कर सके, ऐसी कोई चीज इंसान आज तक तो नहीं बना पाया है। यही वजह है कि स्पेसक्राफ्ट को सूरज से एक उचित दूरी पर जाकर स्थापित किया जाएगा।
आदित्य-एल1 को वैज्ञानिकों द्वारा सूरज से एक उचित दूरी पर रखा जाएगा ताकि वह उसकी गर्मी को झेलने में समर्थ हो। यह दूरी उतनी होगी, जितने तक स्पेसक्राफ्ट ख़राब न हो और इसे किसी तरह की कोई क्षति न पहुंचे। आदित्य-एल1 को उसी चीज को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
टोंक। विगत तीन वर्षों से अपने शैक्षणिक नवाचारों से चर्चित राहोली के पीएमश्री राजकीय उच्च…
जयपुर। हाल ही में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के द्वारा दिए गए विवादित…
जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ऋषि गालव भाग द्वारा 30 मार्च, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष पर…
जयपुर। राष्ट्र सेविका समिति जयपुर विभाग का शुक्रवार को झोटवाड़ा में पथ संचलन निकाला। घोष…
— डॉ. योगेन्द्र सिंह नरूका इतिहासविज्ञ Rana Sanga News : जयपुर। टोंक के डिग्गी में…
Rajasthan News : जयपुर। राजस्थान जैन सभा, जयपुर द्वारा 12 से 25 वर्ष के युवाओं…