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जानिए क्या है?अक्षय तृतीया, स्वर्ण आभूषण और उससे जुड़ा शुभ महत्व?

वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया अर्थात अक्षय तृतीया पर मूल्यवान वस्तुओं को खरीदना शुभ माना जाता है। विशेषकर इस दिन सोना खरीदने का विशेष महत्व है। इसके पीछे मान्यता यह है कि सोना खरीदने से घर में सुख, शांति और वैभव के साथ-साथ समृद्धि भी घर आती है।

अक्षय तृतीया वैशाख शुक्ल की तृतीय तिथि इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों ही अपनी उच्च राशि में स्थित होते हैं। अतः इस दिन दान पुण्य के साथ-साथ मूल्यवान वस्तुओं की खरीदारी करना भी उत्तम माना जाता है।भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के साथ जुड़ी अक्षय तृतीया तिथि पर विशेष कर भारत में स्वर्ण धातु खरीदना शुभ माना जाता है।इस बार अक्षय तृतीया 22 अप्रैल 2023 को है। कल अक्षय तृतीया पर सालों बाद ग्रहों का दुर्लभ संयोग बन रहा है।

मुहूर्त कब है?

हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस साल अक्षय तृतीया कई शुभ संयोगों के साथ मनाई जाएगी। जिसके कारण इस दिन का महत्व और बढ़ गया है। 22 अप्रैल को मेष राशि में चतुग्रही का महासंयोग बन रहा है। इसके अलावा शुक्र ग्रह अपनी स्वराशि वृषभ में और उच्च का चंद्रमा। साथ ही स्वगृही शनि कुंभ राशि मैं होने से अत्यंत शुभ स्थिति बन रही है। ऐसे में इस दिन जल से भरे कलश पर फल रखकर दान करने से सुख समृद्धि और शुभदा की प्राप्ति होती है।

अक्षय तृतीया शुभ मुहूर्त सुबह 7. 49 मिनट से प्रारंभ होकर 23 अप्रैल सुबह 7:34 पर समाप्त होगा। वही पूजन का मुहूर्त 22 अप्रैल सुबह 7 बजकर 49 मिनट से 12:20 तक का है। पूजन की अवधि मात्र 4 घंटे 31 मिनट की है।
 

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