Ayodhya Ram Mandir Guest: अयोध्या राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में देश-दुनिया के लोग शामिल होंगे। राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) की तरफ से कार्यक्रम में कुछ विशेष निमंत्रण भी भेजे गए हैं, जिनमें भारतीय आध्यात्मिकता, धर्म, संप्रदाय, पूजा पद्धति, परंपरा के सभी विद्यालयों के आचार्य, 150 से अधिक परंपराओं के संत, महामंडलेश्वर, मंडलेश्वर, श्रीमहंत, महंत, नागा सहित 50 से अधिक आदिवासी, गिरिवासी, तातवासी, द्वीपवासी आदिवासी परंपराओं के प्रमुख व्यक्तियों की कार्यक्रम में उपस्थिति रहेगी, जो श्री राम मंदिर परिसर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दर्शन हेतु पधारेंगे।
विशेष अतिथियों में शामिल आदिवासी, गिरिवासी, तातवासी, द्वीपवासी प्रमुखों को लेकर चर्चाएं जारी हैं। लोग जानना चाहते है कि ये कौनसी परम्परा के लोग है और इन्हें निमंत्रण देने के पीछे मंदिर ट्रस्ट की क्या वजह रही हैं। चलिए जानते है इन चार परंपराओं और इन्हें मानने वाले लोगों के बारे में विस्तार से –
तातवासी समुदाय से आशय हैं रघुवंशी परिवार। राजा प्रभु श्री राम रघुवंश से संबंध रखते थे। तातवासी उसी परंपरा के लोगों को कहा जाता है, जो श्री राम के वंशज हैं। तातवासी का आशय है 'एक ही वंश के लोग अथवा एक ही खून का रिश्ता रखने वाले लोग यानी की रघुवंशी।
द्वीपवासी परंपरा के लोग देश में स्तिथ अलग-अलग द्वीपों पर निवास करते है। देश और दुनिया के अलग-अलग द्वीपों पर निवास करने वाले सम्प्रदायों के प्रमुखों को राम मंदिर प्राण कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है।
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पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले विशेष परंपरा को मानने वाले लोगों को गिरिवासी कहते है। गिरी का अर्थ ही होता है पर्वत। अलग-अलग गिरिवासी समुदायों से संबंध रखने वाले प्रमुखों को राम मंदिर प्राण कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है।
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लोगों का एक समूह है जो एक साझा भौगोलिक क्षेत्र में एक साथ निवास करते है और काम करते हैं। इनका समान संस्कृति, बोली और धर्म होता है। एकता की भी प्रबल भावना होती है। अलग-अलग आदिवासी समुदायों के प्रमुख अयोध्या पहुंच रहे हैं।
तातवासी का एक और अर्थ https://tatvasisamajnyas.org.in/ वेबसाइट पर जाने पर मिला है कि तत्ववासी। तत्ववासी या तातवासी समाज एक अलग ही समाज है। तातवासी समाज के न्यास को वर्ष 2006 में भारतीय पंजीकरण अधिनियम 1908 के तहत पंजीकृत किया गया है। तत्ववासी समाज का शाब्दिक अर्थ है नदी के किनारे का निवास स्थान। दूसरे शब्दों में तत्ववासी का अर्थ है समाज के वंचित लोग। तत्ववासी समाज न्यास समाज के वंचित लोगों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। संगठन का स्वरूप सामाजिक कल्याण, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक है। हालांकि उपरोक्त दोनों में कौनसा अर्थ सही है इसकी पुष्टि अभी तक नहीं MorningNewsIndia नहीं करता है।
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