Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman)आज गुरूवार 1 फरवरी को अंतरिम बजट (Budget 2024) पेश करने वाली हैं। इसके पहले कयासो का बाजार गर्म है। माना जा रहा है कि मोदी सरकार अंतरिम बजट में बैंकों के विलय पर कोई चौंकाने वाला बड़ा फैसला ले सकती है। यह कहना मुश्किल है कि सरकार बजट (Budget 2024) में बैंकों के हित में फैसला लेगी या नहीं। हालांकि सरकारी बैंकों का विलय (Merger of Banks) मोदी सरकार के एजेंडे में है। तो चलिए जानते हैं कि सरकारी बैंको को लेकर सरकार क्या कुछ करने वाली है।
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सरकारी बैंकों का क्या होगा?
नये बजट (Budget 2024) में इस बात की बहुत ज्यादा संभावना है कि सरकार बैंकों के लिए कोई बड़ा निर्णय लेने से पहले विस्तृत विचार-विमर्श करना चाहेगी। कुछ महीनों में लोकसभा चुनाव आ रहे हैं, ऐसे में मोदी सरकार चुनाव से पहले कोई ऐसा विवादित फैसला (Merger of Banks) नहीं लेना चाहेगी जिससे बैंक कर्मचारियों या अन्य हितधारकों की नाराजगी का सरकार को सामना करना पड़े। भारतीय अर्थव्यवस्था अभी भी कोविड-19 महामारी से पूरी तरह उबर नहीं पाई है। ऐसे में सरकार बैंकों के विलय पर कोई ऐसा फैसला नहीं लेना चाहती है जिससे इकोनॉमी की दशा खराब हो।
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बजट में बैंकों को लेकर क्या?
किसी से छुपा नहीं है कि कई सरकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति काफी खराब है। यही वजह है कि सरकार बैंकों के विलय पर कोई ऐसा फैसला नहीं लेना चाहती है जिससे सरकार पर वित्तीय भार और भी ज्यादा बढ़ जाएं। साथ ही यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि अंतरिम बजट (Budget 2024) में बैंकों को लेकर आम जनता के मन में निगेटिव माहौल न बने। चूंकि बैंकों का विलय (Merger of Banks) एक जटिल मुद्दा है, तो इस पर आज बजट पेश होने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।