Heatwave Attack 2024: राजस्थान में मौसम के बदलाव के चलते हर दिन तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। लेकिन आगामी दिनों में बढ़ते तापमान के कारण लू के प्रकोप से आमजन के बचाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रशासन ने आमजन से भी ऐहतियात बरतने की अपील की है और ज्यादा बीमार होने पर डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी होगी। अत्यधिक गर्मी व लू-तापघात होने से बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। खासकर हाई रिस्क वाले लोगों को खास ख्याल रखने की जरूरत है। वहीं गर्मी के मौसम में जिले के समस्त स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष सावधानी बरतने के जिला प्रशासन ने निर्देश दिए हैं।
लू एवं तापघात के प्रभाव से पीड़ित व्यक्ति के तत्काल उपचार की व्यवस्था करने,रैन बसेरों में विश्राम करने वाले परिवारों अथवा व्यक्तियों को लू से बचाव हेतु पर्याप्त आवश्यक सुविधाएं यथा पर्याप्त ठंडे पेयजल,पर्याप्त आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों, ओ.आर.एस. के पैकेट, स्वास्थ्य की जांच कर मौके पर ही जीवन रक्षक औषधियां उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने के संबंध में निर्देश दिए हैं।
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मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट एवं पूर्वानुमान अनुसार आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करना एवं लू-ताप संबंधी रिपोर्ट एकत्र करें तथा अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करें। सभी अस्पतालों में रोगियों के उपचार के लिए इंतजाम, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, रोगी के उपचार के लिए आपातकालीन किट में ओआरएस, ड्रिप सेट, ब्लीचिंग पाउडर सहित अन्य आवश्यक दवाइयां रखने के निर्देश दिए गए हैं।
शरीर में लवण व पानी अपर्याप्त होने पर विषम गर्म वातावरण में लू व तापघात से सिर का भारीपन व अत्यधिक सिरदर्द होने लगता है। अधिक प्यास लगना, शरीर में थकावट, जी मिचलाना, चकर आना व शरीर का तापमान बढ़ना, पसीना आना बंद होना, मुंह का लाल हो जाना, त्वचा का सूखा होना, अत्यधिक प्यास का लगना व बेहोशी जैसी स्थिति का होना आदि लक्षण आने लगते हैं।
भीषण गर्मी के चलते एहतियात बरतने की अपील की है। जहां तक संभव हो धूप में न निकलें, धूप में शरीर पूर्ण तरह से ढका हो। आमजन जब भी बाहर निकलें, छाता व पानी आदि की व्यवस्था अनुरूप घर से निकलें। धूप में बाहर जाते समय हमेशा सफेद या हल्के रंग के ढीले व सूती कपड़ों का उपयोग करें। बिना भोजन किए बाहर न निकलें। गर्दन के पिछले भाग कान एवं सिर को गमछे या तौलिये से ढक कर ही जरूरी होने पर बाहर निकलें। रंगीन चश्मे एवं छतरी का प्रयोग करें। गर्मी मे हमेशा पानी अधिक मात्रा में पिएं एवं पेय पदार्थों जैसे नींबू पानी, नारियल पानी, जूस आदि का प्रयोग करें। लू तापघात से प्राय हाई रिस्क श्रेणी वाले लोग जैसे कि कुपोषित बच्चे, वृद्धजन, गर्भवती महिलाएं व शुगर, बीपी आदि के मरीज शीघ्र प्रभावित होते हैं। इन्हें बाहर न निकलने दें व इनका विशेष ध्यान रखें। जरूरत होने पर 108 को कॉल करें।
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