Islam me Maa ka Darja : परिदों को मोहब्बत सदा इन हवाओं से हैं, मुझमें जो कुछ हैं मेरा माँ की दुआओं से हैं। बेशक माँ की मोहब्बत का बयान करना नामुमकिन है। जो अपने बच्चे के लिए सारी दुनिया से लड़ जाती है उस माँ को सलाम करने के लिए एक दिन काफी नहीं है। मदर्स डे स्पेशल स्टोरी 2024 में हम आपको इस्लाम में माँ का दर्जा बताने वाले हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि जिसके मां बाप नाराज हो उसकी शबे कद्र में भी मगफिरत नहीं होती है। मां को प्यार से देखना हज के बराबर माना जाता है। अल्लाह हमें अपने मां बाप के साथ अच्छा सुलूक करने और बुढ़ापे में उनकी खूब सेवा करने की तौफीक नसीब अता फरमाएँ- आमीन
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इस्लाम में मां बाप को अहम स्थान दिया गया है। अल्लाह का फरमान है कि जिसने अपने वालदैन को खुश किया उसने मुझे खुश किया और जिसने मां बाप को नाराज किया तो उसने मौला को नाराज किया। इस्लाम में माँ का दर्जा (Islam me Maa ka Darja) कितना अहम है ये इस बात से पता चलता है कि मां के कदमों तले जन्नत बताई गई है। नबी ए करीम को ताउम्र अपनी माँ के न होने की कमी सताती रही। रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्लम कहते थे कि अगर मेरी मां जिंदा होती और बीच नमाज में मुझे आवाज देती तो मैं मां के लिए अपनी नमाज भी तोड़ देता।
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इस्लाम में मां का दर्जा (Islam me Maa ka Darja) बाप से तीन गुना बड़ा है। एक हदीस है कि जब मां-बाप दोनों एक साथ पानी मांगे, तो सबसे पहले मां को पानी दो। इस्लाम ने मां का स्थान पिता से भी ऊंचा करार दिया है। हजरत अबुहुरैरा रजि. ने फरमाया कि एक शख्स ने रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्लम से पूछा; “ऐ अल्लाह के रसूल! मेरे अच्छे सुलूक का कौन ज्याया हकदार है”? नबी ए करीम ने फरमाया तुम्हारी मां। उसने दूसरी बार पूछा; “फिर कौन?” आपने फरमाया तुम्हारी मां। उसने तीसरी बार कहा; “फिर कौन?” सरकारे मदीना ने फरमाया तुम्हारी मां। उसने चौथी बार पूछा; “फिर कौन?” अल्लाह के रसूल सल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया तुम्हारा बाप.” यानी 75 प्रतिशत मां का स्थान है और बाप का 25 प्रतिशत स्थान है।
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मां-बाप की खिदमत और उनके साथ अच्छे सुलूक के बारे में अल्लाह ने कुरान में भी जिक्र किया है। कुरान में एक जगह अल्लाह फरमाता है “हमने इंसान को ताकीद की है कि वह अपने मां-बाप का शुक्रगुजार हो.” इसके बाद फरमाया है कि “उसकी मां ने तकलीफ पर तकलीफ झेलकर नौ महीने तक उसे अपने पेट में उठाए रखा, फिर दो साल तक अपने खून से पाला”
संदर्भ – सूरह लुकमान, आयत नं 14)
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हर साल मई के महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे (Mother’s Day) मनाया जाता है। इस साल मदर्स डे 12 मई 2024 (Mother’s Day Date 2024) को मनाया जाएगा। ये दिन मां के नाम है। एक मां अपने बच्चों की परवरिश करने के साथ उसमें संस्कार पिरोने का काम करती है, उसके बेहतर भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करती है।
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