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Islamic Leap Year: हिजरी कैलेंडर में लीप वर्ष का क्या सिस्टम है, मुस्लिम भी नहीं जानते!

Islamic Leap Year: आम तौर पर दुनिया भर में अंग्रेजी रोमन कैलेंडर चलता है जो सूर्य पर आधारित होता है, जिसमें 365 या 366 दिन होते हैं। लेकिन मुस्लिम कैलेंडर हिजरी चांद पर आधारित होता है। जिसमें हर साल 11 दिन कम हो जाते हैं। इस्लामी कैलेंडर (Hijri Calendar 2024) में एक साल में केवल 354 दिन होते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर में जिस तरह 29 फरवरी चार साल में एक बार आती है, जिसे लीप ईयर कहते हैं। वैसे ही इस्लाम में लीप वर्ष को लेकर क्या व्यवस्था है इस पर हम आपको जानकारी देने जा रहे हैं। Islamic Leap Year को लेकर अब तक कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है फिर भी हमने कुछ जानकारी आपके लिए जुटाई है।

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हिजरी में लीप ईयर होता है क्या?

इस्लामी कैलेंडर में लीप ईयर (Islamic Leap Year) नहीं होता है, हालांकि कुछ मुस्लिम देशों में सारणीबद्ध इस्लामी कैलेंडर को माना जाता है। चूंकि चांद पर आधारित हिजरी कैलेंडर में हर साल वैसे ही 11 दिनों का अंतर आ जाता है, अत हिजरी कैलेंडर में लीप वर्ष की जरूरत ही नहीं पड़ती है। हालांकि जिल हज महीने में कभी कभार एक दिन एक्स्ट्रा जोड़ दिया जाता है।

हिजरी 11 दिन पहले क्यों आ जाता हैं?

हिजरी कैलेंडर चांद पर आधारित है। चांद का पूरा चक्कर 27 या 28 दिन में पूरा होता है। इसी वजह से हिजरी संवत के एक साल में 354 या 355 दिन ही होते हैं। चंद्रमा की घटती-बढ़ती चाल के मुताबिक हिजरी कैलेंडर को संयोजित नहीं किया जाता, तभी तो ये हर साल 11 दिन पीछे खिसक जाता है। इसी वजह से ईद या रमजान हर साल 11 दिन पहले आ जाते हैं। एक मुस्लिम 33 साल के कालचक्र में पूरे त्योहार हर मौसम में देख लेता है।

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चांद से इस्लाम का नाता

मुसलमानों का इस्लामी हिजरी कैलेंडर चांद पर टिका हुआ है। यानी चांद दिखने पर शाम से ही मुस्लिम महीने की शुरूआत हो जाती है। चांद दिखते ही ईद का त्योहार शुरु हो जाता है। चांद दिखने पर ही ईद बकराईद मुहर्रम और रमजान की पुष्टि की जाती है। मुहर्रम हिजरी कैलेंडर का पहला महीना होता है। इसी दिन से नया इस्लामिक हिज़री साल शुरू हो जाता है। भारत में 20 जुलाई 2023 से हिजरी 1445 शुरू हो गया है।

कब शुरू हुआ हिजरी कैलेंडर?

इस्लामिक कैलेंडर यानि हिज़री की शुरुआत 622 ईस्वी में हुई, जब आखिरी नबी हजरत मुहम्मद साहब ने मक्का छोड़कर मदीना प्रस्थान किया। हिजरत का मतलब है एक जगह से दूसरी जगह जाना। 622 ईस्वी में आखिरी नबी के मदीना जाने को हिजरत कहा गया, इसी दिन से हिजरी कैलेंडर की शुरुआत हुई। परंपरागत रूप से इस्लामी दिन सूर्यास्त से शुरू होता है तथा अगले दिन सूर्यास्त पर समाप्त होता है।

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