मिजोरम के आईजोल में हुए रेल पुल हादसे ने देश को फिर से हिला कर रख दिया। करीब 26 मंजिल जितनी ऊंचाई से गिरने पर मजदूर चिंटियों की तरह लगे। मारे गए सभी लोगों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी संवेदना जाहिर की है। दुख जाहिर करते हुए पीएम मोदी ने सहायता की घोषणा भी की है।
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जिसमें उनके परिजनों को दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता व घायल कार्मियों को 50 हजार रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया गया है। इस पुल का निर्माण रेलवे परियोजना के तहत करवाया जा रहा था। इस पुल का निर्माण सैरांग से आइजोल तक रेलवे कनेक्टिविटी के लिए चल रहा है। यह निर्माणाधीन पुल पूर्वोत्तर क्षेत्र के सभी राज्यों की राजधानियों को जोड़ने वाली भारतीय रेलवे परियोजना का हिस्सा था। कई सालों से इसका काम चल रहा है।
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104 मीटर की ऊंचाई
सुबह करीब 11 बजे जब यह पुल गिरा उस समय यहां पर करीब 40 मजदूर काम कर रहे थे। 104 मीटर की ऊंचाई वाले इस पुल के गिरने के साथ ही चारों ओर चीख पुकार मच गई। मिजोरम की राजधानी आईजोल से यह जगह 21 किलोमीटर दूरी पर है। यहां साइरंग में रेलवे का यह पुल गिरा। इतनी ऊंचाई से गिरने से 17 मजदूरों की तो मौत मौके पर ही हो गई। यही नहीं कई बुरी तरह घायल हो गए। जिस समय यह हादसा हुआ वहां आसपास और भी कई मजदूर काम कर रहे थे।
पुल बनता तो गोवाहाटी पहुंचना होता आसान
भारतीय रेलवे पूर्वोत्तर में सभी राजधानियों को रेल से जोड़ने का काम कर रहा है। जिसके तहत आईजोल में रेलवे पुल का कार्य चल रहा था। यह पुल कुरंग नदी पर बन रहा था। जिसकी उंचाई 104 मीटर की थी। साइरंग आइजोल से पहले का अंतिम स्टेशन होता है।
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