Narak Chaturdashi का त्यौहार कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मनाया जाता है। इस पर्व को रूप चौदस, नरक चतुर्दशी, छोटी दिवाली, नरक निवारण चतुर्दशी अथवा काली चौदस के नाम से पुकारा जाता है। कहते है इस दिन मृत्यु के देव यमराज, माता काली और श्रीकृष्ण की पूजा होती है।
छोटी दिवाली पर सूर्योदय से पूर्व स्नान करके यम तर्पण एवं शाम के समय दीप दान का बड़ा महत्व माना गया है। इस दिन विधि-विधान के साथ अच्छी तरह पूजा की जाती है तो मृत्यु के देवता यमराज प्रसन्न होते है। चलिए ऐसे में जानते है नरक चतुर्दशी की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में-
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 11 नवंबर 2023 को दोपहर 01 बजकर 57 मिनट से 12 नवंबर 2023 को दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक है।
सूर्योदय के पूर्व शरीर पर उबटन लगाकर अभ्यंग स्नान होता है। इसका समय 12 नवंबर 2023 सुबह 05 बजकर 28 मिनट से 06 बजकर 41 मिनट तक है।
सूर्योदय से पहले स्नान कर साफ कपड़े पहने। घर के ईशान कोण में यमराज, श्री कृष्ण, काली माता, भगवान शिव, हनुमान जी और विष्णु जी के वामन रूप की प्रतिमाएं स्थापित करके विधि पूर्वक पूजन करें। देवताओं के सामने धूप दीप जलाएं, कुमकुम का तिलक लगाएं और मंत्रों का जाप करें।
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