नए संसद भवन के उद्घाटन पर पहले से ही घमासान मचा हुआ है और अब AIMIM चीफ असददुद्दीन ओवैसी ने आग में घी डालने का काम किया है। एक तरफ पीएम मोदी और राष्ट्रपित के नाम को लेकर बवाल मचा हुआ है वहीं ओवैसी ने एक और नया नाम सुझाया है। ओवेसी ने कहा संसद का उद्घाटन ना तो मोदी को करना चाहिए और ना ही द्रोपदी मुर्मू को। बल्कि उन्होनें तीसरे का नाम सुझाकर बहस खड़ी कर दी है।
नए नाम से छिड़ी बहस
18 मई को जब से लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने पीएम मोदी को नई संसद के उद्घाटन के लिए निमंत्रण भेजा है तब से राजनीति गरम हो गई है। करीब 19 विपक्षी दलों ने इस समारोह के बहिष्कार का ऐलान किया है। इन विपक्षी दलों का कहना है कि राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से इसका उद्घाटन कराना चाहिए। वहीं AIMIM चीफ असददुद्दीन ओवैसी ने नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर बीजेपी और विपक्षियों से अलग ही बयान दिया है।
ओवैसी ने कहा कि इस भवन का उद्घाटन न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को करना चाहिए। थ्योरी ऑफ सेप्रेशन ऑफ पावर संविधान का हिस्सा है। अगर पीएम उद्घाटन करेंगे तो ये संविधान का उल्लंघन होगा। ऐसे में राष्ट्रपति को भी इसका उद्घाटन नहीं करना चाहिए। ओवैसी ने कहा कि उद्घाटन लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को करना चाहिए। अगर उनसे इनोग्रेशन नहीं कराया तो AIMIM इस समारोह में शामिल नहीं होंगे।
नई संसद की जरुरत
ओवैसी ने कहा कि नई संसद की जरुरुत थी इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता। क्योंकि मौजूदा संसद भवन में फायर डिपार्टमेंट की एनओसी ही नहीं है। सांसदो की बैठने की व्यवस्था भी चरमरा रहा थी। लोकसभा सीटें अगर बढ़ती है तो उसके लिए पर्याप्त जगह मिलनी चाहिए। बता दें कि नई संसद की बिल्डिंग में बाकी की कई सुविधाएं भी उपलब्ध होगी।
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