उत्तराखंड- मंगलवार को केदारनाथ धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चारण और बैंड बाजों की धुन के साथ खोले गए। मंदिर के कपाट सबुह मुख्य पुजार जगद्गुरू रावल भीम शकर लिंग शिवाचार्य द्वारा खोले गए। मंदिर के कपाव खुलने से पूर्व मंदिर को हजारों क्विंटल फूलो से सजाया गया। मौसम खराब होने के बावजुद भी हजारों क्षाध्दालु मंदिर के दर्शन करने पहुंचे। अलसुबह ही कपाट खोलने की प्रक्रिया को आरम्भ कर दिया गया। तापमान की बात करे तो वहा का तापमान माइनस 6 डिग्री के आस पास है उसके बावजुद भी मंदिर परिसर के बाहर श्रद्धालुओ की लंबी लंबी कतारे लगी रही। मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही पुरा केदारनाथ हर हर महादेव के उध्दोश से गुंजायमान हो गया। ठंडी के मौसम के कारण मंदिर के कपाट 6 महीने के लिए बंद कर दिए जाते है। कपाट बंद करने से पहले पुजारी के द्वारा एक दीपक जलाया जाता है। जो 6 महीने तक जलता रहता है। 6 महीने बाद जब मंदिर के कपाट खोले जाते है तब दीपक जलता हुआ मिलता है। मंदिर के कपाट बंद करने से पहले हर वर्ष बाबा भैरव की विषेस पुजा की जाती है उसके बाद ही मंदिर के कपाट बंद किए जाते है। चारधाम की यात्रा भी अक्षय तृतीया से शुरू हो चुकी है। गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट भी 22 अप्रैल तक खोल दिए जाएगें। हालाकी भारी बर्फबारी और मौसम विभाग की चेतावनी के बाद उत्तराखंड सरकार ने रजिस्ट्रेशन को 30 अप्रैल तक के लिए रोक दिया है। मौसम विभाग ने अगले एक हफ्ते तक मौसम खराब होने का अनुमान लगाया है। हिमस्खलन की चेतावनी को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारीया शुरू कर दि है।
केदारनाथ धाम के खुले कपाट, केदारनाथ धाम गुंजा हर हर महादेव के जयकारो से
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