भारत

पाकिस्तान ने कैद की भारत की ये ट्रेन, नहीं लौटा रहा 11 डिब्बे

Pakistan ने एक भारतीय ट्रेन को उस समय से कैद कर रखा है जब जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाई गई थी। यह समझौता एक्सप्रेस ट्रैन (Samjhauta Express Train) है पिछले 5 साल से पाकिस्तान की कैद में है। 4 बार पत्र लिखे जाने के बावजूद पाकिस्तान यह मुहब्बत की ट्रेन लौटाने को तैयार नहीं। इसी के चलते अभी तक उसके कब्जे में समझौता एक्सप्रेस के 11 डिब्बे हैं। यह ट्रेन पाकिस्तान व भारत के बीच अटारी और वाघा बॉर्डर के जरिए चलाई जा रही थी।

Pakistan ने कैद की भारत की ट्रैन

जब जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाया गया था तो तब Pakistan ने यह रेल सेवा बंद कर दी थी। समझौता एक्सप्रेस 8 अगस्त 2019 को जब ट्रेन पाकिस्तानी इंजन से भारतीय डिब्बों को लेकर सीमा पार गई तो उस समय ट्रेन को रद्द कर दिया गया। इसके चलते इस ट्रेन के सभी 11 डिब्बे वहीं रह गए। समझौते के अनुसार उस समय भारत के डिब्बों से आवाजाही हो रही थी। इसके बाद ट्रेन को वापस भेजने की जिम्मेदारी पाक की थी लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। अब वो इन डिब्बों को लेने के लिए इंजन भेजने के लिए कहता है। भारतीय रेल मंत्रालय पाक को 4 बार पत्र लिख चुका है, लेकिन आज भी ये डिब्बे भारत की धरती से सिर्फ 500 मीटर की दूरी पर वाघा स्टेशन पर खड़े हैं।

यह भी पढ़ें : कभी भी छिड़ सकता है युद्ध, जम्मू कश्मीर में घुसे पाकिस्तानी सेना के ये 600 कमांडो

भारत से इंजन भेजने की मांग कर रहा Pakistan

समझौता एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बों के वापस करने को लेकर Pakistan में वाघा रेलवे स्टेशन के प्रबंधक मोहम्मद इजहार ने कहा है कि हमने भारत को अपना इंजन भेजकर डिब्बे ले जाने के लिए कहा है, लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आता। उन्होंने यह भी कहा कि यहां पर डिब्बों को सुरक्षित रखने के लिए बार-बार उसका मेंटीनेंस करना पड़ रहा है जो हम पर अतिरिक्त खर्च है। जबकि, भारतीय रेल अधिकारियों का कहना है कि उस समय शिमला समझौते के अनुसार भारतीय डिब्बे पाकिस्तानी इंजन लेकर गया था तो वापस करने की जिम्मेदारी भी उसकी की है।

पाकिस्तान से ये था समझौता एक्सप्रेस का करार

Pakistan और भारत के बीच समझौता एक्सप्रेस को इसलिए चलाया गया था कि दोनों देशों के लोगों के बीच मेल-मिलाप होता रहे। इसी वजह से इसें ‘शांति का संदेश’ और ‘मोहब्बत की ट्रेन’ आदि कहा जाता है। India-Pakistan बंटवारे के बाद भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने 22 जुलाई 1972 को यह ट्रेन लाहौर से अमृतसर के बीच शुरू की गई थी। इस ट्रेन में हर साल 6 महीने के लिए भारतीय डिब्बे और पाकिस्तानी इंजन तो 6 महीने भारतीय इंजन और पाकिस्तानी डिब्बों का यूज किया जाता था।

हमेशा से रही भारत पाकिस्तान की दुश्मनी

आपको बता दें कि जब से भारत और पाकिस्तान का बंटवारा हुआ है तब इन दोनों देशों के बीच झगड़े चलते रहे हैं। अब इन दोनों देशों के बीच 4 बड़े युद्ध हो चुके हैं और हर बार Pakistan को बुरी तरह हार का मुंह देखना पड़ा है।

लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे फेसबुक पेजयूट्यूब चैनल से जुड़ें।

Anil Jangid

Anil Jangid डिजिटल कंटेट क्रिएटर के तौर पर 13 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। 10 साल से ज्यादा समय डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर राजस्थान पत्रिका, 3 साल से ज्यादा cardekho.com में दे चुके हैं। अब Morningnewsindia.com और Morningnewsindia.in के लिए डिजिटल विभाग संभाल रहे हैं।

Recent Posts

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सराहे पीएमश्री स्कूल राहोली के शैक्षणिक नवाचार

टोंक। विगत तीन वर्षों से अपने शैक्षणिक नवाचारों से चर्चित राहोली के पीएमश्री राजकीय उच्च…

1 दिन ago

क्षत्रिय समाज की बड़े आंदोलन की तैयारी: ठाकुर शिवराज सिंह शक्तावत

जयपुर। हाल ही में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के द्वारा दिए गए विवादित…

3 दिन ago

नववर्ष पर होगा विराट पथ संचलन

जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ऋषि गालव भाग द्वारा 30 मार्च, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष पर…

6 दिन ago

गुलाबी नगरी में राष्ट्र सेविका समिति का पथ संचलन, भारत माता के जयकारों से पथ संचलन का स्वागत

जयपुर। राष्ट्र सेविका समिति जयपुर विभाग का शुक्रवार को झोटवाड़ा में पथ संचलन निकाला। घोष…

6 दिन ago

कौन कहता है राणा सांगा हारे थे! टोंक का ये शिलालेख बताता है खानवा के युद्ध में जीते थे

— डॉ. योगेन्द्र सिंह नरूका इतिहासविज्ञ Rana Sanga News : जयपुर। टोंक के डिग्गी में…

1 सप्ताह ago

राजस्थान जैन सभा के युवाओं को धर्म से जोडने की अनूठी पहल

Rajasthan News :  जयपुर। राजस्थान जैन सभा, जयपुर द्वारा 12 से 25 वर्ष के युवाओं…

1 सप्ताह ago