भारत

क्या है पोला फेस्टिवल, जहां की जाती है बैलों की पूजा

Pola Festival in Marathi 2024: पोला महाराष्ट्र में मनाया जाने वाला त्योहार है। ये त्योहार खेती से जुड़ी गतिविधियों से जुड़ा हुआ त्योहार है। इस त्योहार को किसान अपने बैलों को समर्पित करते हैं। इस किसान अपने बैल से खेतों में किसी भी तहर का कार्य नहीं करवाते और उनकी पूजा करके खेती के लिए आशिर्वाद प्राप्त करते हैं।

क्या है खास

इस त्योहार में बैल के महत्व को स्वीकार किया जाता है। जो की कृषि के लिए एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। हालांकी आजकल बैलों की जगह कई मशीनों ने ले ली है। लेकिन (Pola Festival in Marathi 2024) आज भी भारत कई जगहों पर खेती से जुड़ी गतिविधियों में बैलों का उपयोग किया जाता है। यह श्रावण मास में (आमतौर पर अगस्त में) के महीने में पिठोरी अमावस्या के दिन पड़ता है।

ये हैं विभिन्न नाम

इसी तरह के त्योहार भारत के कई राज्यों में अलग अलग नामों से मनाया जाता है। जो की कृषि और खेतीहर किसानों द्वारा ही मुख्यत मनाया जाता है। लेकिन स्थान विशेष पर वहां उनका नाम बदल गया है जैसे र इसे दक्षिण में मट्टू पोंगल और उत्तर और पश्चिम (Pola Festival in Marathi 2024) भारत में गोधन कहा जाता है। जबकी तेलंगाना में इस त्योहार को इरुवाका पूर्णिमा कहा जाता है।

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इस तरह होता है आयोजन

इस त्योहार को महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। बैलों को पहले नहलाया जाता है। इसके बाद उनकी तेल से मसाज की जाती है। उन्हें फूलों से सजाया जाता है। बैलों की साज सज्जा की जाती है। इसके बाद गांवों में बैलों का जूलूस निकाला जाता है। जिसमें सबसे आगे सबसे बूढ़ा बैल इस रैली का आगाज करता है। इस तरह से ये त्योहार बड़े ही हर्षो उल्लास से मनाया जाता है। जिसमें सभी बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं।

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Saya Chouhan

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