Ramzan ka Jumma: रमजानुल मुबारक का दूसरा जुम्मा कल 22 मार्च 2024 को आने वाला है। इस्लाम में जुमे की फजीलत क्या है ये हमें किसी को बताने की जरूरत नहीं है। किसी गैर मुस्लिम से भी पूछ लो तो वो बता देगा कि मुसलमान शुक्रवार के दिन क्या करते हैं। दरअसल शुक्रवार यानी जुमे को हफ्ते के सातों दिनों का आका बनाया गया है। हमारे प्यारे आका को जुमे का दिन बेहद हबीब था। तभी तो हुजूर पर दुरूद भेजने वालों के लिए जुमे का दिन ईद के बराबर है। इस दिन तमाम बंदों के नामा ए आमाल रब की बारगाह में पेश किए जाते हैं। Ramzan ka Jumma यानी रहमत और बरकत का बेमिसाल दिन जिसे रब ने बंदों को इनायत फरमाया है।
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रमजान का दूसरा जुम्मा 22 मार्च 2024 को होगा। इस्लाम में जुम्मे के दिन का बहुत महत्व है। सप्ताह में सात दिन होते हैं, और शुक्रवार सारे दिनों का सरदार कहलाता है। नबी ए करीम ने फरमाया है कि जुम्मे के दिन जो शख्स मुझ पर कसरत से दुरूद शरीफ भेजेगा तो उसकी बख्शिश मेरी सिफारिश पर हो जाएगी। कुल मिलाकर जुम्मे के महत्व को रमजान का साथ मिल गया है और रमजान का शुक्रवार मजीद अफजल हो गया है। उलमा बताते है कि गैर रमजान में एक जुम्मे की नमाज अदा करने से 40 नमाज अदा करना का सवाब मिलता है। ऐसे में रमजान के पाकीजा महीने में आने वाले जुम्मे का महत्व का तो अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता हैं। अल्लाह अपने बंदों को अज्रे अज़ीम का वादा करता है।
जुम्मे के दिन नहा धोकर नये कपड़े पहनने चाहिए। गुस्ल करने का तरीका आपको मालूम होना चाहिए। बिना गुस्ल के जुमे की नमाज नहीं होती है। इत्र खुशबू लगाना भी नबी की सुन्नत है। जो शख्स जुमे के दिन मस्जिद में सबसे पहले पहुंचता है उसे बहुत ज्यादा सवाब मिलता है। जुम्मे के दिन नाखून काटना और दाढ़ी को सही करना भी सवाब का काम है। जुम्मे के दिन असर से मगरिब की नमाज के दरमियान कसरत से जिक्रे इलाही करना चाहिए। एक ऐसा दुरूद शरीफ है जो आपके अस्सी साल के गुनाह माफ करवा सकता है।
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साल 2024 में रमजान में चार जुम्मे होंगे। पहला जुमा 15 मार्च 2024 को गुजर चुका है। दूसरा जुम्मा कल 22 मार्च को है। तीसरा जुम्मा 29 मार्च 2024 को आएगा। सबको जिसका है इंतजार, जिसके लिए है दिल बेकरार वो आखिरी जुम्मा यानी जुमातुल विदा अलविदा जुमा 5 अप्रैल 2024 को आएगा। इस दिन की नमाज का सवाब आप उंगलियों पर गिन ही नहीं सकते हैं। अलविदा जुम्मे का खुत्बा भी अलग होता है।
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