सहारा कोऑपरेटिव सोसायटी में जिन लोगों की सालों से छोटी रकम फंसी हुई थी, अब राहत की सांस मिल रही है। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में सुबह 11 बजे अटल ऊर्जा भवन में सहारा रिफंड पोर्टल को लॉन्च किया। सालों से इंतजार में बैठे निवेशकों को इससे राहत मिली है। लेकिन फिर भी यह करोड़ों रूपये सहारा के निवेशकों के लिए ऊंट के मुंह में जीरे का काम कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार सहारा-सेबी रिफंड अकाउंट से 5,000 करोड़ रुपए सेंट्रल रजिस्ट्रार ऑफ कोऑपरेटिव सोसाइटीज (सीआरसीएस) में ट्रांसफर किए जाएंगे।
सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए सहारा इंडिया के निवेशकों को पैसे लौटाए जाएंगे। सहारा इंडिया की को-ऑपरेटिव सोसाइटीज में 10 करोड़ निवेशकों के पैसे फंसे हुए हैं। इनमें छोटे और बड़े निवेशक दोनों हैं। जानकारों की मानें तो सहारा में छोटे निवेशकों के करीब ढाई करोड़ मामले हैं। इन्हीं निवेशकों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सहारा-सेबी रिफंड अकाउंट से 5,000 करोड़ रुपए में से पैसा ट्रांसफर किया जाएगा।
जिसके बाद में पैसा बचने पर बड़ी अमाउंट वालों को 10 हजार रुपये ट्रांसफर किया जाएगा। इस फैसले जहां छोटे निवेशकों में खुशी का माहौल है वहीं बड़ा निवेश करने वालों के बीच में मायूसी का माहौल है।
पोर्टल की मदद से मात्र 45 दिनों में जमा कर्ता अपनी राशि वापस पा सकते हैं। इसके लिए ना तो कोई फीस देनी होगी और ना ही किसी एजेंट की भी जरुरत नहीं होगी। घर पर मोबाइल या लैपटॉप से भी आसानी से रिफंड का पैसा आपके खाते में पहुंच सकता है।
रिफंड की यह है पूरी प्रोसेस
सहारा में निवेश किए गए पैसों को वापस पाने के लिए सबसे पहले https://mocrefund.crcs.gov.in/ पोर्टल पर जाए। यहां होमपेज पर जमाकर्ता पंजीकरण के ऑप्शन पर क्लिक करें। इसके बाद अपना आधार नंबर और इससे जुड़ा मोबाइल नंबर डालना होगा। मोबाइल नंबर डालकर सेंड ओटीपी पर क्लिक करें। इसके बाद आपके मोबाइल पर ओटीपी आएगा उसे दर्ज करें। रजिस्ट्रेशन पूरा होने पर जमाकर्ता लॉगिन पर क्लिक करें। इसके बाद फिर से आधार नंबर और ओटीपी की प्रक्रिया करनी होगी। फिर नियम और शर्तों को पढ़कर श्मैं सहमत हूंश् पर क्लिक करें। यहां पर आपके बैंक का नाम, जन्मतिथि सहित पूरी जानकारी आ जाएगी। फिर जमा प्रमाण पत्र की प्रति के साथ दावा अनुरोध फॉर्म भरें। दावा राशि 50 हजार से ज्यादा है तो पेन कार्ड की डिटेल्स दें। साथ ही सोसाइटी का नाम, सदस्यता नंबर, जमा राशि भी भरें। अगर आपने कोई लोन लिया है या पार्शियल पेमेंट मिला है तो इसकी जानकारी भी देनी होगी।
निवेशकों के आवेदन करने के बाद सहारा ग्रुप उनके दस्तावेजों को 30 दिन में वेरिफाई करेगा। ऑनलाइन क्लेम दर्ज करने के 15 दिन के भीतर एसएमएस के जरिए निवेशकों को सूचित किया जाएगा।
India is known for handmade crafts. Our artisans make beautiful items with their hands, keeping…
In today’s time, everyone wants to do their own business. But the biggest problem is…
World Health Day : विश्व स्वास्थ्य दिवस हर साल 7 अप्रैल को मनाया जाता है…
टोंक। विगत तीन वर्षों से अपने शैक्षणिक नवाचारों से चर्चित राहोली के पीएमश्री राजकीय उच्च…
जयपुर। हाल ही में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के द्वारा दिए गए विवादित…
जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ऋषि गालव भाग द्वारा 30 मार्च, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष पर…