जयपुर। एलर्जी आज के समय में लोगों में बढ़ती हुई बीमारी है जो किसी भी कारण हो सकती है। कई बार तो एलर्जी के कारणों सालों तक पता नहीं चल पाता और मरीज कष्ट झेलता रहता है। आज भारत की 20 से 30 प्रतिशत आबादी अलग-अलग तरह की एलर्जी से परेशान है।
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इसकी वजह से होने वाली एलर्जी में सिर दर्द और गर्दन दर्द होता है। इस एलर्जी में पेशंट्स के तीन प्रकार के टेस्ट किए जाते हैं, जिसमें ब्लड टेस्ट, स्कीन टेस्ट और एनएईटी टेस्ट शामिल होता है।
वायु प्रदूषण और गलत खानपान
डॉक्टरों के मुताबिक एलर्जी मुख्य रूप से आनुवांशिक बीमारी है, लेकिन वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर और खाने-पीने के पदार्थों की गिरती क्वालिटी की वजह से एलर्जी के मामले काफी बढ़ रहे हैं। वहीं, खानपान में फलों की कमी के अलावा अगरबत्ती और मच्छर भगाने वाले प्रोडक्ट्स की वजह से भी एलर्जी की समस्या बढ़ रही है।
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धूल और मच्छरों से एलर्जी
एलर्जी के बढ़ते मामलों की ये उपरोक्त भी वजह हैं। हालांकि, एलर्जी के टेस्ट भी आसानी से उपलब्ध हैं। इसमें सूजन, सिरदर्द या खुजली फूड हो सकते हैं। कई लोगों को कॉकरोच और मच्छरों से एलर्जी होती है। जबकि खाद्य पदार्थों में 26 प्रतिशत रोगियों को केले से एलर्जी पाई गई। वहीं, गेहूं, झींगा और मूंगफली से भी लोगों को एलर्जी होती है। कई लोगों को आलू, चावल और दाल से भी एलर्जी होती है।
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