जयपुर। 13 May Jaipur Bomb Blast की वो कहानी जिसें कभी भुलाया नहीं जा सकता क्योंकि यही वो दिन था जब जयपुर शहर में सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर से चांदपोल हनुमान मंदिर तक लोगों की लाशें बिछ गई थी। जी हां, 13 मई 2028 के दिन राजस्थान की राजधानी जयपुर में सिलसिलेवार बम धमाके हुए जिनमें सैंकड़ों लोगों की मौतें हुई कई घायल हुए कई सालों तक कोमा में रहे। 13 मई 2024 को जयपुर बम ब्लास्ट की 16वीं बरसी है। इस दिन को आज भी लोग याद करके सिहर उठते हैं क्योंकि हमलावरों बमों का ऐसा जाल बिछाकर ब्लास्ट किए थे लोग जिधर जान बचाने को भागे उधर ही मौत मिली।
13 मई जयपुर बम ब्लास्ट केस की बरसी पर भारतीय जनता पार्टी की तरफ से परकोटे में एक लाख लोगों को जुटाने का संकल्प लिया गया है। आपको बता दें कि पिछले 15 दिनों इस कार्यक्रम को लेकर भाजपा, आरएसएस, वीएचपी और बजरंग दल से जुड़े पदाधिकारी लगातार बैठकें कर रहे हैं। इसको लेकर रविवार को बम धमाकों की बरसी से एक दिन पहले परकोटे में वाहन रैली निकाली जा रही है। यह रैली चांदपोल से सांगानेरी गेट तक आयोजित हो रही है, जिसमें 1 हजार वाहन शामिल हैं। 13 मई को सांगानेरी गेट पर सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा जिसके लिए टेंट, बिजली, पानी की व्यवस्था की गई है। इस आयोजन के लिए उपरोक्त संगठनों द्वारा प्रशासन से अनुमति भी ली जा चुकी है।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में 13 मई 2008 को कुछ ही मिनटों के भीतर एक के बाद सिलसिलेवार 8 जगह बम ब्लास्ट हुए जिस घटना 16वीं बरसी मनाई जा रही है। यह घटना (Jaipur Bomb Blast Story) आज भी जयपुर शहर निवासियों के सीने में है। ये बम साइकिलों पर सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर से लेकर चांदपोल हनुमान मंदिर तक रखे गए थे। इसके बाद सिलसिलेवार ब्लास्ट किए गए जिनमें कई लोगों की मौतें हुई तो कई घायल हुए।
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जयपुर बम ब्लास्ट केस में विशेष न्यायालय ने 4 गुनाहगारों को मृत्यु दंड की सजा दी है। लेकिन अभी गुनहगारों को फांसी नहीं मिली। जिस वजह से शहरवासियों को सही तरीके से न्याय नहीं मिला। इस घटना के मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों शाहबाज हुसैन, मोहम्मद सैफ, सरवर आजमी, सैफुर्रहमान और सलमान को अरेस्ट किया था। हालांकि, कुछ अन्य आरापी पुलिस की गिरफ्त में अभी तक नहीं आ पाए।
इस घटना को लेकर पुलिस की तरफ से 8 मुकदमे दर्ज किए थे जिसके बाद सभी में आरोपियों पर चार्ज तय हुआ और ट्रायल किया गया। इस मामले में 1000 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज हुए जिसके बाद विशेष अदालत ने 18 दिसंबर 2019 को शाहबाज हुसैन को बरी कर दिया जबकि चार अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई। शाहबाज हुसैन पर यह आरोप था कि उसने इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए ईमेल भेजा किया था।
इस घटना में पहला आरोपी शाहबाज हुसैन उर्फ शानू है जो मौलवीगंज, उत्तरप्रदेश का निवासी है। इस मामले में उसें 8 सितंबर 2008 को गिरफ्तार किया गया। लेकिन, विशेष न्यायालय ने उसे बरी कर दिया।
इस मामले में दूसरा आरोपी मोहम्मद सैफ है जो सरायमीर, आजमगढ़ उत्तरप्रदेश का निवासी है। इसको 23 दिसंबर 2008 को गिरफ्तार किया गया।
इस घटना का तीसरा आरोपी मोहम्मद सरवर आजमी है जो चांदपट्टी, आजमगढ़ उत्तरप्रदेश का ही निवासी है। इसको 29 जनवरी 2009 को गिरफ्तार किया गया।
चौथा आरोपी सैफ उर्फ सैफुर्रहमान है जो आजमगढ़ उत्तरप्रदेश का रहने वाला है। इसें 23 अप्रैल 2009 को गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले में 5वां आरोपी सलमान है जो निजामाबाद, उत्तरप्रदेश का निवासी है। इसको 3 दिसंबर 2010 को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा कई अन्य आरोपी फरार चल रहे हैं।
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