Bhajanlal Government Farmer Rajasthan News: राजस्थान की भजनलाल सरकार अब किसानों को तकनीकी तौर पर मजबूत करने के लिए काम कर रही है। प्रदेश के किसानों को और उन्नत करने और कृषि में नए प्रयोगों को करने के लिए ही उन्हें विशेष प्रशिक्षण देने की तैयारी की जा रही है। ये प्रशिक्षण सरकार नालेज एनहांसमेंट प्रोग्राम के तहत देगी। जिसके पहले चरण में 100 किसानों को विदेश भेजा जाएगा।
इस प्रशिक्षण से सिर्फ प्रदेश के किसानों को खेती ही नहीं और भी कई तरह के प्रशिक्षण दिए जाएंगे। इनके साथ पशुपालकों की नॉलेज को भी अपडेट किया जाएगा।
जिससे दुग्ध उत्पादन के साथ पशुओं से होने वाली अन्य लाभों को भी बढ़ाया जा सके।
किसान को जहां सरकार की तरफ से कम भूमि और कम पानी में बेहतर खेती करना सिखाया जाएगा। साथ ही पशुपालन में उन्नत तरीकों का प्रयोग करना भी सिखाएंगे।
इस प्रोग्राम में 100 प्रगतिशील युवा किसानों को विदेश में प्रशिक्षण लेने भेजा जाएगा। चयन के लिए जारी खंडवार आवंटित लक्ष्य में 75 प्रतिशत किसानों का चयन किया जाएगा। 25 प्रतिशत किसानों को चयन राज्य सरकार करेगी। किसानों के चयन के लिए 10 कृषि संभागों में उच्च कृषि तकनीक की संभावनाओं को देखते हुए लक्ष्य तय किए गए हैं। जहां महिला किसानों के साथ अजा, अजजा को प्राथमिकता दी जाएगी। इस ट्रेनिंग में 20 दुग्ध उत्पादकों/पशुपालकों का चयन होगा।
भजनलाल सरकार की स्कीम का फायदा लेने के लिए कृषि उद्यानिकी ने 10 सितंबर तक आवेदन मांगे गए हैं। अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति और महिला कृषकों को भी प्रतिनिधित्व देने की बात कही गई है। 75 प्रतिशत किसानों का चयन खंडवार आवंटन के आधार पर होगा। बचे 25 प्रतिशत किसान राज्य सरकार के स्तर से चयनितद किए जाएंगे।
किसान के पास एक हैक्टेयर कृषि भूमि या उससे ज्यादा का भू स्वामित्व आवश्यक है।
किसान की उम्र 50 साल से कम हो और पिछले 10 साल से अपनी कृषि भूमि पर खेती करता हो। किसान की ओर से उच्च कृषि तकनीक में संरक्षित खेती, सौर ऊर्जा पंप, ड्रोन, सूक्ष्म सिंचाई, मल्चिंग, फर्टिगेशन, ऑटोमेशन, फार्म पौंड या डिग्गी जैसे प्रयोग किए जा रहे हों। यही नहीं किसान पंचायती राज संस्था, सहकारी संस्था, वाटर यूजर एसोसिएशन, कृषि मंडी आदि में पिछले 10 साल में किसी पद हो। वो माध्यमिक शिक्षा कम से कम प्राप्त हो और आपराधिक प्रकरण लंबित न हो और वैद्य पासपोर्ट धारक हो।
पशुपालक के पास कम से कम 20 गाय, भैंस की डेयरी हो। 10 ऊंट या 50 भेड, बकरी का स्वामित्व हो। पिछले 10 साल से डेयरी या पशुपालन करता हो। उच्च पशुपालन या डेयरी तकनीक अपनाता हो। किसान का चयन कृषि या पशुपालन विभाग की ओर से पशुपालन/डेयरी क्षेत्र में जिला/राज्य स्तरीय पुरस्कार में हुआ हो। यहां उम्र 45 वर्ष से कम होनी चाहिए। वो भी माध्यमिक शिक्षा कम से कम प्राप्त हो और आपराधिक प्रकरण लंबित न हो और वैद्य पासपोर्ट धारक हो।
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