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Rajasthan Election: गोपाल शर्मा या खाचरियावास? सिविल लाइंस सीट के ये आंकड़े बने रोचक

 

Rajasthan Election: जयपुर शहर की सिविल लाइंस विधानसभा सीट की चुनावी जंग रोचक दिखाई देने लगी है। अधिकतर ओपिनियन पोल्स में प्रदेश में बन रही भाजपा की सरकार को देखते हुए भी यह जंग अब और रोचक हो गई है। सिविल लाइंस सीट पर कांग्रेस से मौजूदा विधायक प्रताप सिंह खाचरियावास ही प्रत्याशी है। वहीं, महानगर टाइम्स के संचालक पत्रकार गोपाल शर्मा भाजपा के टिकट पर इस जंग में उतरे है। एक नजर कुछ रोचक आंकड़ों पर- 

 

इस जंग में 'भैरोसिंह शेखावत' की चर्चा क्यों? 

 

दरअसल, वर्तमान विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास पूर्व उपराष्ट्रपति और बीजेपी के दिग्गज नेता भैरोसिंह शेखावत के भतीजे हैं। वहीं, भाजपा प्रत्याशी और पत्रकार गोपाल शर्मा भी भैरोसिंह शेखावत के एक जमाने में बेहद करीबी रहे है। शर्मा उन्हें पितातुल्य मानते रहे है। 

 

2018 के चुनाव में कांग्रेस-भाजपा का हाल 

 

पिछले चुनावों में भाजपा ने अरुण चतुर्वेदी को मैदान में उतारा था। लेकिन उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी प्रताप सिंह खाचरियावास ने उन्हें 18 हजार वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया था। प्रताप सिंह को 87,937 जबकि बीजेपी के अरुण चतुर्वेदी को 69,859 वोट प्राप्त हुए थे। 

 

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सिविल लाइंस में ब्राह्मण वोटर्स का दबदबा

 

प्रदेश की हॉट सीट में से एक सिविल लाइंस में करीब 2 लाख 35 हजार वोटर्स हैं। इनमें से ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या करीब 55 हजार हैं। कहते है ब्राह्मण मतदाता जीत-हार में बड़ी भूमिका इस सीट पर निभाते रहे है। भाजपा हर बार यहां ब्राह्मण प्रत्याशी उतारती रही है। ब्राह्मण मतदाता के बाद इस सीट पर 25 हजार अनुसूचित जनजाति और 25 हजार मुस्लिम वोटरों की संख्या है। वहीं, 25 हजार वैश्य, 10 हजार राजपूत और 20 हजार माली मतदाता है। इस सीट पर 10 फीसदी ऐसे मतदाता है, जो बाहरी राज्यों से आकर यहां निवास कर रहे है। ऐसे में इन मतदाताओं का रुख भी हार-जीत का अंतर तय करता है। 

 

15 साल के आंकड़ों से कांग्रेस को टेंशन 

 

एक रिवाज चला आ रहा है कि सिविल लाइंस सीट से जिस भी पार्टी का उम्मीदवार जीतता है, उसी की सरकार प्रदेश में बनती है। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही दलों ने इस सीट पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सिविल लाइंस में 2008 में कांग्रेस के खाचरियावास जीते तो कांग्रेस सरकार बनी। 2013 में बीजेपी के अरुण चतुर्वेदी जीते तो भाजपा सरकार बनी। 2018 में खाचरियावास जीते तो कांग्रेस सरकार बनी। ऐसे में ये आंकड़ा कांग्रेस की टेंशन बढ़ा रहा है। 

 

भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों की उम्मीद

 

सिविल लाइंस विधानसभा सीट पर जयपुर शहर की अन्य किसी सीट से अधिक ब्राह्मण वोट है। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी गोपाल शर्मा को सकारातमक उम्मीद है। शर्मा को 22 नवंबर को जयपुर में होने वाले पीएममोदी के रोड़ शो से भी उम्मीदें है। ऐसे में इस बार राजनीति में नए चेहरे बनकर उतरे गोपल शर्मा को अनुभवी राजनेता कांग्रेस के प्रत्याशी प्रताप सिंह खाचरियावास से कड़ी टक्कर मिलेगी। सिविल लाइंस की जंग इस बार रोचक होने की उम्मीद है। 

 

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Aakash Agarawal

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