Rajendra Rathod VS Govind Singh Dotasara
Dotasra vs Rathore: राजस्थान की सियासत में राजेंद्र राठौड़ और गोविंद सिंह डोटासरा के बीच जो बहस होती है उसको लेकर हर कोई चर्चा करता हुआ नजर आता हैं। लेकिन जब से दोनों ने सोशल मीडिया पर एक दूसरे के खिलाफ शायराना अंदाज में फटकारे लगाने शुरू किए तो हर कोई दोनों की भाषा मर्यादा को लेकर सवाल खड़े कर रहा था। (Dotasra vs Rathore) दोनों ने एक दूसरे को भला.बुरा कहने में कोई कसर नहीं छोड़ी और अब ये सब थमने के बाद अचानक गोविंद सिंह डोटासरा ने सौगंध खाकर कहा की वह राजेंद्र राठौड़ के खिलाफ कुछ नहीं बोलेंगे।
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चूरू में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से लोकसभा चुनाव व भारत जोड़ो न्याय यात्रा को लेकर कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कार्यकर्ताओं से कहा सबको मेहनत करनी है। (Dotasra vs Rathore) पेपर लीक मामले में बीजेपी ने हमारी सरकार पर बहुत आरोप लगाए, लेकिन अब वह कुछ नहीं कर रही है।
इस दोरान गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि वे सौगंध खाकर आए हैं की राजेंद्र राठौड़ के खिलाफ अब कुछ नहीं बोलेंगे। वे मेरे बड़े भाई हैं, उनसे राम.राम और जय श्रीराम होने के बाद अब आरोप.प्रत्यारोप का सिलसिला थम चुका है। (Dotasra vs Rathore)
डोटासरा ने 31 जनवरी को एक पीसी में सीएम भजनलाल शर्मा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी पूछ रहे थे कौन.सी चक्की का आटा खाते हैं जो 4-4 आरएएस बन गए। (Dotasra vs Rathore) तारानगर से लड़ने वाले नेताजी राजेंद्र राठौड़ से पूछ लीजिए कौन.सी चक्की का आटा खाया, वे ही पूछते थे कौन.सी चक्की का आटा खाया है, अब उनसे पूछ लीजिए।
राजेंद्र राठौड़ ने डोटासरा के बयान के बाद सोशल मीडिया पर लिखा,ष्इतना भी गुमान ना कर अपनी जीत पर ऐ बेखबर, शहर में तेरी जीत से ज्यादा चर्चे तो मेरी हार के हैं। सीकर वाले नेताजी, इतना भी अहंकार ठीक नहीं है। हार और जीत एक सिक्के के दो पहलू है। अभी एक परीक्षा और बाकी है। (Dotasra vs Rathore) युवा आज भी पूछ रहे हैं एक ही परिवार से 4 आरएएस बनना संयोग था या प्रयोग, युवाओं के सपनों के सौदागरों को माफ नहीं किया जाएगा। जवाब तो देना ही पड़ेगा।
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गलतफहमी ना पाल, ये जनता का पर्चा है, तेरे सिर्फ़ टोल, बजरी, भूमाफिया होने की चर्चा है। तारानगर वाले नेताजी की जनता में भी चर्चा रहती तो जवाब सदन में मिलता। (Dotasra vs Rathore) हमारे यहां बच्चों को मेहनत करने और पढ़ने की शिक्षा दी जाती है, टोल, बजरी और शराब के धंधे की नहीं। अगली परीक्षा के लिए शुभकामनाएं।
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