स्थानीय

जयपुर में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं, ऑनलाइन कटेगा चालान

Jaipur News :  जयपुर। राजधानी जयपुर में अब ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं है। क्योंकि अब जयपुर पुलिस ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने के लिए ड्रोन का सहारा लिया जा रहा है। डीसीपी ट्रैफिक की तरह से पहली बार गुलाबी नगरी में नया प्रयोग किया जा रहा है। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो जयपुर शहर में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जायेगा। यातायात पुलिस की तरफ से पिछले 4-5 दिन से ड्रोन उड़ाया जा रहा है। इसे यातायात कंट्रोल रूम यादगार भव से कंट्रोल किया जा रहा है। ड्रोन को 5 किलोमीटर की सीमा तक कंट्रोल किया जा सकता है।

ट्रैफिक नियम तोड़ने वालो की खैर नहीं

यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालक चौराहे या तिराहे पर खड़े पुलिसकर्मियों को तो गोली दे सकते हैं, लेकिन अब उन्हें ड्रोन से बचना मुश्किल है। यह ड्रोन अब ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर निगरानी रखेगा। जो वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ ड्रोन के जरिए ऑनलाइन चालान जारी किया जाएगा। चालान की कॉपी संबंधित वाहन चालक के घर भेजी जाएगी, जिसमें उल्लंघन की फोटो भी सबूत के तौर पर शामिल होगी।

यह भी पढ़ें : उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी का आज हरियाणा दौरा, कई जनसभा को करेंगी संबोधित

ट्रैफिक निगरानी में नया युग: हाई रेजोल्यूशन ड्रोन का ट्रायल

पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक सागर राणा ने जानकारी दी कि एक निजी कंपनी के सहयोग से हाई रेजोल्यूशन वाले ड्रोन का ट्रायल चल रहा है। इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत परीक्षण के लिए लगाया गया है। इस ड्रोन की विशेषता यह है कि यह 200 मीटर दूर से चलते हुए वाहनों की नंबर प्लेट को पढ़ सकता है, जिससे यातायात नियमों के उल्लंघन को पहचानना और कार्रवाई करना बेहद आसान हो जाएगा। फिलहाल, इस ड्रोन को दिन में 6 से 7 बार उड़ाया जा रहा है, और इसे ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम से नियंत्रित किया जा रहा है। यह तकनीक ट्रैफिक पुलिस की निगरानी क्षमता को बढ़ाएगी और सड़क पर अनुशासन बनाए रखने में मददगार साबित होगी।

वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक की निगरानी

डीसीपी ट्रैफिक सागर राणा ने कहा कि यह ड्रोन जयपुर शहर के लिए बेहद उपयोगी साबित होने वाला है। वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था पर प्रभावी निगरानी रखने में यह ड्रोन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस ड्रोन की मदद से यह जानने में कम समय लगेगा कि किस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम है। जब वीवीआईपी मूवमेंट होगा, तो कम दबाव वाले रास्तों पर ट्रैफिक को डायवर्ट किया जा सकेगा, जिससे यात्रा सुरक्षित और सुगम हो सकेगी। डीसीपी ने यह भी बताया कि यदि शहर में कोई रैली या जुलूस निकाला जाता है, तो उस दौरान भी ड्रोन के जरिए ट्रैफिक की निगरानी रखी जाएगी। यह नई तकनीक ट्रैफिक प्रबंधन में एक नया अध्याय खोलने जा रही है, जो न केवल सुरक्षा बल्कि यातायात सुगमता को भी सुनिश्चित करेगी।

लेटेस्ट न्यूज से अपडेट रहने के लिए हमारे फेसबुक पेज व यूट्यूब चैनल से जुड़ें।

Mukesh Kumar

Recent Posts

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सराहे पीएमश्री स्कूल राहोली के शैक्षणिक नवाचार

टोंक। विगत तीन वर्षों से अपने शैक्षणिक नवाचारों से चर्चित राहोली के पीएमश्री राजकीय उच्च…

2 दिन ago

क्षत्रिय समाज की बड़े आंदोलन की तैयारी: ठाकुर शिवराज सिंह शक्तावत

जयपुर। हाल ही में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के द्वारा दिए गए विवादित…

4 दिन ago

नववर्ष पर होगा विराट पथ संचलन

जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ऋषि गालव भाग द्वारा 30 मार्च, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष पर…

6 दिन ago

गुलाबी नगरी में राष्ट्र सेविका समिति का पथ संचलन, भारत माता के जयकारों से पथ संचलन का स्वागत

जयपुर। राष्ट्र सेविका समिति जयपुर विभाग का शुक्रवार को झोटवाड़ा में पथ संचलन निकाला। घोष…

6 दिन ago

कौन कहता है राणा सांगा हारे थे! टोंक का ये शिलालेख बताता है खानवा के युद्ध में जीते थे

— डॉ. योगेन्द्र सिंह नरूका इतिहासविज्ञ Rana Sanga News : जयपुर। टोंक के डिग्गी में…

1 सप्ताह ago

राजस्थान जैन सभा के युवाओं को धर्म से जोडने की अनूठी पहल

Rajasthan News :  जयपुर। राजस्थान जैन सभा, जयपुर द्वारा 12 से 25 वर्ष के युवाओं…

1 सप्ताह ago