जयपुर। राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा मामले को लेकर ईडी के जांच का दायरा बढ़ता जा रहा हैं। ईडी के द्वारा करौली जिले के बालाघाट थाने में हुई कैलाश मीणा की हत्या के मामले में भी जांच की जाएगी। ईडी के द्वारा पेपर लीक मामले में लगातार जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा हैं। ईडी के द्वारा हर पहलु पर नजर रखी जा रही हैं। ईडी ने इस मामले में कृपाल मीणा को भी गिरफ्तार कर लिया गया हैं, ईडी के द्वारा कृपाल मीणा से पूछताछ की जा रही हैं।
मीणा ने दिए थे पेपर खरीदने के लिए लाखों रूपए
ईडी के अनुसार कैलाश मीणा के द्वारा पेपर खरीदा गया था। कैलाश मीणा ने लीक हुआ पेपर खरीदने के लिए विधायक से सर्म्पक किया था। जिसके बाद कैलाश मीणा ने पेपर खरीदने के लिए विधायक को लगभग 30 लाख रूपए भी दिए थें। पैसे देने के बाद भी कैलाश मीणा को पेपर नहीं मिला और ना ही पैसे वापस मिले। कैलाश मीणा की कुछ दिनों बाद हत्या कर दी गई। ईडी ने पेपर लीक मामले की जांच करते हुए पेपर लीक कर उसे करोड़ों रूपए में बेचने वाले आरोपित राम कृपाल को गिरफ्तार कर लिया हैं।
पेपर लीए में कई राजनेताओं का हाथ
सूत्रों के अनुसार पेपर लीक प्रकरण में कई राजनीतिक हस्तियों के शामिल होने का अंदेशा लगाया जा रहा हैं। कृपाल मीणा के अकेले का काम नहीं हो सकता हैं। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस मामले को लेकर कहा शिक्षक भर्ती पेपर लीक घोटाला एक व्यक्ती का काम नहीं हैं। यह पूरा एक संगठित गिरोह है जिसके द्वारा यह काम किया जा रहा हैं। कैलाश मीणा उस गिरोह का हिस्सा हैं। इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों व मंत्रियों से भी जल्द ही पूछताछ की जाएगी।