Categories: स्थानीय

राहुल गांधी की यात्रा से पहले पायलट को बड़ा झटका, गहलोत गुट का दिखा दबदबा

Lok Sabha Elections से पहले राजस्थान कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष और प्रदेशाध्यक्ष के पद पर बड़ा फैसला किया है। पहली बार दलित चेहरे को नेता प्रतिपक्ष बनाकर दलित वोट बैंक को साधने का प्रयास किया है तो Congress State President पद पर Govind Singh Dotasara को बरकरार रखकर जाट वोट बैंक को खुश कर दिया है। लेकिन दोनों नेताओं का नाम गहलोत गुट से होना पायलट के लिए बड़ा झटका है क्योंकि पायलट भी अपने खेमे के विधायक को यह पद दिलाने का प्रयास कर रहे थे।

दोनों बड़े पदों पर हुए इस फैसले के कांग्रेस की अंदरूनी सियासत में बड़ा बवाल मचा सकती है। जूली के नेता प्रतिपक्ष बनने के पीछे बड़ा कारण कांग्रेस के बड़े नेताओं का विश्वास है। जूली को नेता प्रतिपक्ष बनाने में सबसे ज्यादया योगदान गहलोत का रहा है और पूर्व सीएम चाहते थे कि दोनों महत्वपूर्ण पदों पर पायलट खेमे का विधायक नहीं बैठे।

 

यह भी पढ़ें : नोटों पर श्रीराम की तस्वीर होनी चाहिए या नहीं, देखें लोगों ने क्या कहा

दोनों पद पायलट खेमे के पास नहीं 

राष्ट्रीय महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह के अलावा पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने पूर्व मंत्री टीकाराम जूली को नेता प्रतिपक्ष बनने के पीछे बड़ी भूमिका है। दोनों नहीं चाहते कि पायलट खेमे के किसी भी नेता को दोनों पदों मिले। टीकाराम जूली और प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा दोनों गहलोत के साथ काम कर चुके हैं तो अब उनको किसी प्रकार का खतरा नहीं है।

 

दलित कार्ड खेला

कांग्रेस हमेशा दलित, किसान, आदिवासी वोट बैंक को अपना मानती है लेकिन पिछले लंबे समय से इस वोट बैंक में सेंध लगी है और इसके कारण वह कमजोर हुई है। ऐसे में मल्लिकार्जुन खड़गे के अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस अब राज्यों में भी दलित कार्ड खेलने का काम कर रही है।

 

यह भी पढ़ें : श्रीराम ने किन्नरों को दिया था ये वरदान, कलियुग में ऐसे करेंगे राज

 

राजस्थान कांग्रेस ही गहलोत

टीकाराम जूली के लिए नेता प्रतिपक्ष का पद चुनौतियों से भरा होगा। अशोक गहलोत और सचिन पायलट खेमों के बीच संतुलन बनाना और इसके अलावा जूली को अशोक गहलोत के साये से बाहर निकलने का भी काम होगा। परसराम मदेरणा के बादजितने भी नेता प्रतिपक्ष रहे हैं, उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यही रही है कि वे Ashok Gehlot के साये से बाहर नहीं निकल पाए। राजस्थान में एक बार फिर साबित हो गया है कि गहलोत ही Congress है और पायलट को अभी इंतजार करना होगा।

Narendra Singh

Recent Posts

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सराहे पीएमश्री स्कूल राहोली के शैक्षणिक नवाचार

टोंक। विगत तीन वर्षों से अपने शैक्षणिक नवाचारों से चर्चित राहोली के पीएमश्री राजकीय उच्च…

2 दिन ago

क्षत्रिय समाज की बड़े आंदोलन की तैयारी: ठाकुर शिवराज सिंह शक्तावत

जयपुर। हाल ही में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के द्वारा दिए गए विवादित…

3 दिन ago

नववर्ष पर होगा विराट पथ संचलन

जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ऋषि गालव भाग द्वारा 30 मार्च, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष पर…

6 दिन ago

गुलाबी नगरी में राष्ट्र सेविका समिति का पथ संचलन, भारत माता के जयकारों से पथ संचलन का स्वागत

जयपुर। राष्ट्र सेविका समिति जयपुर विभाग का शुक्रवार को झोटवाड़ा में पथ संचलन निकाला। घोष…

6 दिन ago

कौन कहता है राणा सांगा हारे थे! टोंक का ये शिलालेख बताता है खानवा के युद्ध में जीते थे

— डॉ. योगेन्द्र सिंह नरूका इतिहासविज्ञ Rana Sanga News : जयपुर। टोंक के डिग्गी में…

1 सप्ताह ago

राजस्थान जैन सभा के युवाओं को धर्म से जोडने की अनूठी पहल

Rajasthan News :  जयपुर। राजस्थान जैन सभा, जयपुर द्वारा 12 से 25 वर्ष के युवाओं…

1 सप्ताह ago