सोमवार को राजस्थान विधानसभा में सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का विषय था "प्रभावी एवं सार्थक लोकतंत्र को बढ़ावा देने में विधानमंडल की भूमिका"। इस विषय पर असम के नए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने सेमिनार में संबोधन के दौरान कहा कि लोकतंत्र के प्रति लोगों की निष्ठा होती है। लोकतंत्र का निर्माण व्यक्तियों की सहभागिता से ही होता है।
सदन में किसी भी विषय पर तर्क किए जाने चाहिए लेकिन मनभेद का होना लोकतंत्र की कमजोरी को प्रदर्शित करता है। इसलिए लोकतंत्र को प्रभावी बनाना जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। अगर सदन ठीक तरीके से चलेगा तो जनता की बातों को सदन में अच्छे से रख पाएंगे और उनके हित में कार्य भी सही होंगे।
सदन में अधिक से अधिक लोगों को बोलने और सुनने का मौका मिलेगा। इस सेमिनार के दौरान गुलाब चंद कटारिया का स्वागत भी किया गया। अंत में गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि वो पद पर रहते हुए सभी जिम्मेदारियों को अच्छी तरह निभाएंगे। साथ ही यह भी विश्वास दिलाया कि वो हमेशा असम के साथ-साथ राजस्थान की जनता की भी सेवा करेंगे।
इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की जड़े काफी मजबूत है। पिछले 70 वर्षों में कई सरकारें आई और गई लेकिन इस लोकतंत्र में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ। आज भी यह लोकतंत्र उसी रुप में मौजूद है जैसा डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने बनाया था। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी ने लोकतंत्र में दोनों पक्षों की महत्वपूर्ण भूमिका बताई।
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