Jaipur Nagar Nigam: जयपुर नगर निगम ग्रेटर ने एक नई पहल शुरू की है जिसमें अब आजादी से पहले जन्मे व्यक्तियों और उस दौरान हुई मौत का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने का फैसला किया है। निगम ने जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा से रिकॉर्ड ढूंढवाकर उसका संधारण करवाना शुरू कर दिया है। निगम की माने तो ये रिकॉर्ड लगभग 100 साल पुराना है। जो रिकॉर्ड 1952 से पुराना है, वह अधिकांश उर्दू भाषा में लिखा हुआ है। उर्दू में लिखे रिकॉर्ड को किसी भाषा विशेषज्ञ से बदलवाकर सरकारी पोर्टल ‘पहचान’ पर अपलोड करने का काम किया जाएगा।
निगम की प्राथमिकता है कि लोगों को जन्म-मृत्यु के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के लिए चक्कर न लगाना पड़े और इसी बात को ध्यान में रखते हुए सार रिकॉर्ड ऑनलाइन करने का फैसला किया गया है। 2011 से अब तक का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन कर दिया गया है और कोई भी व्यक्ति इस अवधि का रिकॉर्ड पोर्टल से घर बैठे देख सकता है। जरूरत पड़ने पर संबंधित रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट प्राप्त करेगा और उसे निगम आने की कोई जरूरत नहीं है।
बिते सालों का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने की प्रकिया जारी है। अभी डेटा ऑनलाइन किया जा रहा है और इस तरह डेटा रिर्वस में किया जाएगा। सबसे ज्यादा जरूरत 1950 तक के डेटा की रहेगी।
नगर निगम में कई सालों का रिकॉड है और उसमें मृत्यु की जानकारियां दर्ज होती थी। मृतक की जाति, धर्म, मृत्यु का कारण भी होता है। ये रिकॉर्ड इतना व्यवस्थित है कि जनगणना में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
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