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Jantar Mantar: मोदी-मैक्रों यहां देखेंगे दुनिया की सबसे बड़ी पत्थर की घड़ी, करेंगे रोड़ शो

PM मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron गणतंत्र दिवस से पहले जयपुर की राजकीय यात्रा पर है। देश की स्वतंत्रता के बाद यह पहली बार ऐसा हो रहा है जब Republic Day के अवसर पर किसी देश के मुखिया भारत के प्रधानमंत्री के साथ गुलाबी नगरी जयपुर (Jaipur Modi Macron Visit) की यात्रा पर है। लगता है पीएम मोदी को जयपुर रास आ गया है। तभी तो 26 जनवरी से ठीक पहले पूरे भारत में से सिर्फ पिंकसिटी को यह सम्मान मिला है। आज शाम मोदी मैक्रों के साथ जंतर मंतर (Jantar Mantar Jaipur) से रोड़ शो भी करने वाले हैं। इससे जयपुर (Jantar Mantar Jaipur) की विरासत पूरी दुनिया के सामने और भी ऊंचाई तक पहुंच सकेगी। जंतर मंतर जयपुर ही नहीं दुनिया का सबसे माना हुआ पर्यटक स्थल है। तभी इस सौर वेधशाला को यूनेस्को द्वारा संरक्षित इमारतों की श्रेणी में रखा गया है। तो चलिए जानते हैं जंतर मंतर से जुड़ी कुछ ऐसी हैरतअंगेज बातें जिन्होंने मोदी (Jaipur Modi Macron Visit) को अपना मुरीद बना लिया है।

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यहां है दुनिया की सबसे बड़ी घड़ी

 

इतिहास के पन्ने टटोले तो मिलता है कि सिटी पैलेस के पास जंतर-मंतर (Jantar Mantar Jaipur) का निर्माण जयपुर के संस्थापक एवं खगोलशास्त्री महाराजा सवाई जयसिंह द्वारा नक्षत्रों और समय की सही जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य 1724 से 1734 ई. के बीच करवाया गया था। यहां पर दुनिया की सबसे बड़ी पत्थर की सूर्य घड़ी मौजूद है जो एकदम सटीक समय की जानकारी देती है। इसे बृहत् सम्राट यंत्र भी कहा गया है। ट्यूरिस्ट इसके साथ फोटो जरूर लेते हैं। आम लोगों के अलावा यहां दुनिया भर के खगोलशास्त्री भी जानकारी हासिल करने आते रहते हैं। इसके अलावा यहां (Jantar Mantar Jaipur) सूर्य आधारित ज्योतिष गणना के लिए कई दुर्लभ यंत्र भी लगे हुए हैं, जिन्हें देखकर पर्यटक अभिभूत हो उठते हैं। 

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जंतर मंतर ही नाम क्यों रखा गया ?

 

इस सौर वेधशाला का यह नाम जंतर मंतर (Jantar Mantar Jaipur) संस्कृत के शब्द जंत्र मंत्र से लिया गया हैं, जिनका अर्थ होता है 'उपकरण' और 'गणना', यानी जंतर मंतर का अर्थ है 'गणना करने वाला उपकरण'। तो जयपुर के राजा द्वारा बनाई गई यह वेधशाला पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के आने के बाद से तो और भी (Jantar Mantar Jaipur) मशहूर होने वाली है। वैसे यूनेस्को यह काम बहुत पहले ही कर चुका है। देश के पांच प्रमुख वेधशालाओं में से एक जयपुर की जंतर मंतर वेधशाला (Jantar Mantar Jaipur) को यूनेस्को ने अपनी अद्भुत संरचना और बेमिसाल खगोलीय महत्व की वजह से वैश्विक धरोहरों की सूची में स्थान दिया है। प्रधानमंत्री मोदी (Jaipur Modi Macron Visit) के यहां आने से निकट भविष्य में जयपुर के इस नायाब नगीने को दुनिया भर में और भी ज्यादा प्यार मिलेगा।
 

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