दूध से किया मां का अभिषेक
राजस्थान की लोक देवी जीण माता का लक्खी मेला चैत्र नवरात्रे केे साथ ही बुधवार से शुरू हो गया। सर्व प्रथम दूध से मां का अभिषेक किया गया। इसके साथ ही चांदी के वर्क की पोशाक पहनाकर मां का श्रृंगार किया गया। मुंबई के सिंदूर से मां का तिलक किया गया। इस बार भक्त मां को शराब और पशु बलि नहीं चढ़ा सकेंगे। सात रंग की 20 पोशाक भी मां को धारण कराई गई। माता के दर्शन करने के लिए राजस्थान, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से भक्त पहुंचे हैं। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, आरती का समय रोज सुबह 9 बजे और शाम को 6:45 बजे रहेगा। मेले में इस बार 100 सीसीटीवी लगाए गए हैं। मेले की हर गतिविधि पर इसके माध्यम से नजर रखी जा रही है। एसडीएम प्रतिभा वर्मा ने मंगलवार शाम को मेला परिसर का जायजा लिया था। मेले में होने वाली हर गतिविधि पर पुलिस की कड़ी नजर है। सीसीटीवी व ड्रोन कैमरा से निगरानी की जा रही है।
जीण माता धाम में 9 दिन तक चलेगा मेला
जीण माता धाम में 9 दिन तक मेला चलेगा। अगले 9 दिनों तक जीणधाम के बाजार में रौनक बनी रहेगी। जीण माता सेवा संघ की ओर से 121 मीटर लंबी चुनरी पहनाई गई। इस बार मेले में 55 अस्थायी दुकानें जगाई जाएंगी। इनकी बोली लगाई गई थी। इससे मंदिर ट्रस्ट को 40 लाख रुपए से ज्यादा की आय हुई है। सरपंच सुभाष शेषमा और ग्राम सेवक सुभाषचंद मिठारवाल ने बताया कि एक नंबर की दुकान करीब चार लाख में बिकी है। मेले के दौरान दुकानदारों को अवैध अतिक्रमण नहीं करने की हिदायत दी गई है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ऐसा जो भी व्यापारी करेगा, उसका दुकान आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। प्रशासन ने पांच टैंकर व पानी की बोतलों की व्यवस्था की है। ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न आए।
50 से अधिक पुलिसकर्मी सादी वर्दी में रहेंगे तैनात
मेले की सुरक्षा की जिम्मेदारी 800 पुलिसकर्मियों पर है। इसमें 50 से अधिक पुलिसकर्मी सादी वर्दी में तैनात हैं। मेले की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जा रही है। इस साल 30 महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती भी मंदिर परिसर में की गई है।
शराब और पशु बलि पर रहेगी रोक
जीण माता मेले के दौरान शराब और पशु बलि पर सख्ती से रोक रहेगी। इसके साथ ही डीजे पर भी रोक है। रेवासा-जीण माता-बाजोर मार्ग पर डीजे बजाते पकड़े जाने पर प्रशासन को जब्ती का आदेश दिया गया है। पशु बलि पर पुलिस पूरी तरह से निगरानी रखेगी। इसके अतिरिक्त 10 फीट से ऊंचा निशान लेकर श्रद्धालु मंदिर के अंदर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि श्रद्वालुओं काे किसी भी प्रकार की काेई अव्यवस्था न हो इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
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