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Kanhaiyalal Murder Case : बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़ (Rajendra Rathore) ने कन्हैयालाल हत्याकांड को लेकर पूर्ववर्ती गहलोत सरकार पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि कन्हैयालाल हत्याकांड के दोषियों को सजा दिलाने के लिए भाजपा सरकार प्रतिबद्ध है। बता दें कि 5 सितंबर को कन्हैयालाल हत्याकांड (Kanhaiyalal Murder Case ) में शामिल रहे एक आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। इसके बाद पूर्व सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने भाजपा पर हमला बोला और कहा भाजपा चुनावी लाभ लेने के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल किया।
(Kanhaiyalal Murder Case ) साल 2008 में राजधानी जयपुर में हुई बम ब्लास्ट घटना से पूरा शहर दहल गया था। इस घटना को लेकर राजेंद्र राठौड़ ने गहलोत सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट में 71 निर्दोष लोगों की हत्या के मामले में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय की लचर पैरवी के चलते हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
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बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़ ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय आरोपियों के खिलाफ ढीला रवैया अपनाया गया और उन्हें सजा दिलाने में गंभीरता नहीं दिखाई गई। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई आतंकी हमले के आरोपी अजमल कसाब को फांसी की सजा सुनाई, तो तत्कालीन यूपीए सरकार ने उसे 6 साल तक क्यों बचाए रखा? यह सवाल उठाते हुए उन्होंने सरकार की नीति और निर्णय प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कन्हैयालाल हत्याकांड (Kanhaiyalal Murder Case ) के आरोपियों को पकड़वाने में शक्ति सिंह और प्रहलाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही, लेकिन तत्कालीन सरकार ने उनकी सुरक्षा को नजरअंदाज कर दिया। भाजपा सरकार का संकल्प स्पष्ट है—दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना। गुनहगारों को सजा मिलकर रहेगी, चाहे वे कोई भी हों।
आज कन्हैयालाल हत्याकांड (Kanhaiyalal Murder Case) में शामिल रहे एक आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड का भाजपा ने चुनावी लाभ लेने के लिए राजनीतिक इस्तेमाल किया परन्तु केन्द्र की भाजपा सरकार की NIA ने दोषियों को सजा देने में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। 28 जून 2022 को हुए इस घटनाक्रम की रात को ही NIA ने ये केस ले लिया पर करीब ढाई साल बीतने के बाद दोषियों को सजा नहीं दी जा सकी। राज्य की भाजपा सरकार ने भी जल्दी सजा के लिए कोई दबाव नहीं बनाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी प्रचार में इस घटना का खूब इस्तेमाल किया और भाजपा ने पीड़ित परिवार को दिए गए मुआवजे की राशि 50 लाख रुपए को 5 लाख रुपए बताकर झूठ फैलाया और राजनीतिक लाभ लिया। राजस्थान की जनता और पीड़ित परिवार पूछ रहे हैं कि भाजपा इस घटना का केवल राजनीतिक फायदा ही लेगी या न्याय दिलाने का भी प्रयास करेगी। जनता ये नहीं भूली है कि इस हत्याकांड के दो मुख्य आरोपी भाजपा के कार्यकर्ता थे और भाजपा नेता उनकी सिफारिश के लिए थाने में फोन किया करते थे।
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