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Naresh Meena News : देवली-उनियारा के निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा की उप चुनाव का रिजल्ट से पहले ही बड़ी जीत हो गई। दरअसल, नरेश मीणा समारावता गांव के लोगों की जिस मांग के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे थे भजनलाल सरकार ने बैकफुट आते हुए ग्रामीणों की सभी मांगों को मान लिया है, आइए जानिए क्या है पूरा मामला?
समरावता में मचे बवाल के बीच भजनलाल सरकार ने बैकफुट पर आते हुए ग्रामीणों की मांगों को मान लिया है। सरकार के तीन मंत्री समरावता पहुंचे जहां, समारावता के मौजीज लोगों से डिस्कस कर ग्रामीणों की सभी मांगों को मान लिया गया है। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि समरावता को देवली उपखंड से हटाकर उनियारा उपखंड में जोड़ दिया जाएगा। इतना नहीं यहां की 8 पंचायतों के 28 गांवों को उनियारा उपखंड से जोड़ा जाएगा। दूसरी शर्त गांव में हुए नुकसान चाहे बाइक और कार या मकानों क्षति भजनलाल सरकार सभी को मुआवजा देगी और साथ ही इस प्रकरण में पकड़े गए 19 निर्दोष लोगों को छोड़ दिया गया है और इस बवाल के दौरान गांव महिलाओं से जिसने भी बुरा बर्ताव किया है उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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समरावता के लोग भी सरकार की बात पर सहमत हो गए हैं और गांव के एक मौजीज ने मीडिया से रूबरू होते हुए ये स्वीकार किया है कि सरकार ने हमारी सभी मांगों को मान लिया है। अब हम इस मामले में कोई राजनीति नहीं चाहते है और ना ही कोई नेता समरावता आकर इस प्रकरण में किसी तरह की कोई राजनीति करें।
सरकार की तरफ से समारावत में डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम और मंत्री कहैन्यालाल शर्मा मौजूद थे। यहां मीटिंग में सबकुछ तय हुआ। लेकिन जब जवाहर सिंह बेढम की गाड़ी से किरोड़ी बाबा उतरे तो गाड़ी में बैठे शख्स पर एकदम से भड़के उठे कहा कि जब आप अंदर बैठे तो उस समय आपने क्यों नहीं कहा कि कलेक्टर ओर एसपी की गिरफ्तारी होनी चाहिए। जबकि अंदर जो कुछ भी हुआ वो अब मीडिया में चल चुका हैं। अब आप बार-बार अपना बयान पलट रहे हो, ऐसे थोड़े ना होता है मीडिया के सामने अपने बयान को सुधारो।
समरावता के ग्रामीणों की क्या मांगे थी, पहली समरावता गांव को उनियारा उपखंड से जोड़ना। दूसरा गांव में आगजनी में जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई। तीसरा महिलाओं के साथ हुए बुरे बर्ताव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई, चौथी निर्दोष लोगों को रिहा करना और पांचवी गांव में किसी को किसी तरह से परेशान नहीं करना। सरकार ने भी ग्रामीणों की सभी मांगों को स्वीकार कर लिया है और अब देवली उपखंड के संभागीय आयुक्त इस पूरे प्रकरण की जांच करेंगे और सरकार को रिपोर्ट सौंपे और नुकसान की भरपाई की जाएगी।
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