जयपुर। Monsoon in Rajasthan : भारत के लगभग सभी राज्यों में मानसून पहुंच चुका है और लगातार बारिश हो रही है। कहीं, सामान्य तो कहीं पर अधिक बारिश हो रही है। मानसून में कई बार बादल फटने या अत्यधिक बारिश होने के कारण बाढ़ आ जाती है जिससें बचना मुश्किल हो जाता है। बाढ़ आने पर जान और माल दोनों का नुकसान होने का खतरा रहता है। ऐसे में यदि आपके क्षेत्र में भी अचानक से कभी बाढ़ (Flood Safety Tips) आने की स्थित बने तो उससें निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भारत सरकार (NDMA) द्वारा कुछ उपाय बताए गए हैं। इन उपायों को करके आप बाढ़ की स्थिति में अपनी जान और माल दोनों का बचाव कर सकते हैं।
1. बाढ़ संभावित क्षेत्रों में तब तक निर्माण से बचना चाहिए जब तक कि आपको अपने घर की मंजिल/तल बढ़ाने अथवा उसे सुदृढ़ करने की आवष्यकता न हो।
2. यदि बाढ़ आने की आशंका रहती हो तो भट्टी (फर्निस), जल तापक (वाटर हीटर) तथा इलेक्ट्रिक पैनल (बिजली बोर्ड) को किसी ऊंचे स्थान पर रखें।
3. अपने घर की नालियों में बाढ़ के पानी को घुसने से रोकने के लिए मोरी की जालियों (सीवर ट्रैप्स) में “चेक वाल्व” लगाना।
4. अपने समुदाय अधिकारियों को यह पता लगाने के लिए संपर्क करना कि क्या वे आपके क्षेत्र में घर में बाढ़ के पानी को घुसने से रोकने के लिए अवरोधक {बांधों, बीमों तथा बाढ़ से बचने हेतु दीवारों-फ्लड वाल्स} का निर्माण करने की योजना बना रहे हैं।
5. रिसाव (सीपेज) को रोकने के लिए अपने बेसमेन्ट में वाटर प्रूफिंग कम्पाउंड से दीवारों को सील करना।
1. सूचना के लिए रेडियो सुनना या टेलीविजन देखना।
2. सजग रहें कि आकस्मिक बाढ़ भी आ सकती है। यदि एक आकस्मिक बाढ़ आने की कोई संभावना हो तो किसी ऊचें 3. स्थान पर तुरंत चले जाएं। ऊचें स्थान जाने के लिए किसी हिदायत का इंतजार न करें।
4. नदियों, नहरों, नालों, घाटियों तथा अचानक बाढ़-ग्रस्त होने वाले अन्य क्षेत्रों से परिचित रहे। इन क्षेत्रों में बारिश के 5. बादल या भारी बारिष जैसी किसी विशिष्ट चेतावनी के साथ या उसके बिना आकस्मिक बाढ़ आ सकती है।
1. अपने घर को सुरक्षित करें। यदि आपके पास समय है तो घर के बाहर रखा (आउटडोर) फर्नीचर घर में लाएं। जरूरी चीजों को किसी ऊपरी तल पर ले जाएं।
2. उपयोगी सुविधाओं के मेन स्विचों या वाल्वों को तब तुरंत बंद कर दें, जब आपको ऐसा करने को कहा जाए। बिजली के उपकरणों को डिस्कनेक्ट (बिजली से अलग) कर दें। यदि आप गीले हों अथवा पानी में खड़े हों तो बिजली के उपकरणों को न छुएं।
1. बहते पानी में न चलें, 6 इंच की गहराई वाले बहते पानी में आप गिर सकते हैं। यदि आपको पानी में चलना हो तो वहां चलें जहां पानी बह न रहा हो। अपने आगे जमीन की सतह की मजबूती को जांचने के लिए छड़ी का प्रयोग करें।
2. बाढ़ वाले इलाकों में ड्राइविंग न करें। यदि बाढ़ का पानी आपकी कार के आस-पास जमा हो जाए तो कार को वहीं छोड़ दें तथा यदि आप ऐसा सुरक्षित रूप से कर सकें तो तुरंत किसी ऊंचे स्थान पर चले जाएं क्योंकि आप और आपका वाहन पानी में तेजी से बह सकता है।
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