Moyla Machar: फरवरी का महीना बीतने को है। सर्दी में कमी हो रही है। तापमान में आए परिवर्तन के साथ लोगों को गर्मी का एहसास होने लगा है। साथ ही गाड़ी चलाने वाले मोयला मच्छर से परेशान होने लगे हैं। जी हां, मोयला जिसे चेपा या एफिड मच्छर भी कहा जाता है। खासकर राजस्थान में सरसों की फसल पकने पर मोयला का प्रकोप बढ़ जाता है। दुपहिया वाहन सवारों व राहगीरों को मोयला (Moyla Machar) काफी परेशान करता है। तो चलिए हम आपको मोयला से बचने के आसान तरीके बता देते हैं।
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मोयला क्या बला है?
मोयला (Moyla Machar) बोले तो यह सूक्ष्म मच्छर जिसे राजस्थानी में माछर भी कहा जाता है, सरसों की फसल के फूल बनने या पकने के कगार पर पहुंचने के साथ ही जन्म ले लेता है। मोयला का बायोलॉजिकल नेम एफिड है। गर्मी बढ़ने पर मोयला के पंख पनपने लगते हैं। मोयला का जीवन चक्र 7—10 दिन का होता है, लेकिन बड़ी तेजी से ये अपनी जनसंख्या बढ़ाते हैं।
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गाड़ी चलाने वाले परेशान
मोयला (Moyla Machar) न केवल सरसों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि राहगीरों पर भी इसका प्रकोप होने लगता है। वाहन चालकों की आंखों में गिरने पर जलन पैदा करता है। कई बार इंफेक्शन भी हो जाता है। मोयला कीट गेहू एवं सरसों का रस चूस लेता है। यही वजह है कि फसल कमजोर हो जाती है। मोयला गाड़ी चालकों की आंख में गिरने पर जलन से लेकर इंफेक्शन तक पैदा कर देता है।
मोयला से कैसे बचे?
मोयला (Moyla Machar) से बचने का आसान तरीका है अपने मुंह को पूरा स्कार्फ या स्टॉल से ढककर रखे। यानी मोयला से बचना है तो गाड़ी चलाते वक्त नकाबपोश बन जाए। साथ ही पीले कपड़े पहनने से परहेज करे। क्योंकि पीले कपड़ों को सरसों का खेत समझकर मोयला उस पर विराजमान हो जाते हैं। इसके अलावा धूप का चश्मा लगाकर वाहन चलाए या पैदल चले तो भी चश्मा पहनकर रहे। इस तरह आप मोयला मच्छर से बच सकते हैं।