पुष्कर। तीर्थ नगरी में निर्जला एकादशी का पर्व मनाया गया। पुष्कर के 52 घाटों पर श्रद्धालुओं का ताता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर पूजा अर्चना की। इस दौरान व्रतधारी महिला श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन करते हुए मंदिरों में ठंडे पानी से भरी मटकी, फल तथा भोजन सामग्री आदि भेंट की। इस दौरान पूजा-अर्चना करते हुए महिला श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की।
अलसुबह से ही पवित्र पुष्कर सरोवर पर श्रध्दालु घाटों पर उमड़ने लगे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में आस्था की डूबकी लगाई। इस दौरान भीषण गर्मी के बावजूद भी बिना अन्न और जल के व्रत रखा। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर पितरों को तर्पण किया। वहीं मंदिरों और बाजारों में भी दिनभर रौनक बनी रही। देव मंदिरो में उमड़े जन सैलाब से माहौल धर्ममय हो गया। घाटों पर भीड़ को देखते हुए पुलिस और पालिका प्रशासनस की और से भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
निर्जला एकादशी के मौके पर महिलाएं निर्जल उपवास करती है तथा इस दौरान मंदिर जाकर भगवान के दर्शन करने के पश्चात ठंडे पानी से भरी मटकी, फल तथा ब्राह्मण के लिए भोजन सामग्री भेंट कर ही जल ग्रहण करते हुए व्रत का पारणा करती है। निर्जला एकादशी पर दान-पुण्य के महत्व के तहत शहर की विभिन्न गौशालाओं में शहरवासियों ने गो माता को हरा चारा खिलाया। इसके साथ ही जगह- जगह पर गर्मी से रहात के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था भी की गई साथ ही जगह- जगह शरबत पिलाकर पुण्य का कार्य भी किया।
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