जयपुर। राजस्थान में पिछले 30 सालों से कांग्रेस और भाजपा 5-5 साल के लिए सत्ता में आती हैं। यह एक परंपरा बन चुकी है और अब साल फिर से चुनाव आ गए हैं। लेकिन इस बार कांग्रेस ने इस परम्परा को तोड़ने का संकल्प ले लिया है। हालांकि, सियासी पंडितों का कुछ और ही सुझावा है। परंतु सचिन पायलट एक ऐसे नेता हैं जिनके पास पार्टी के इस संकल्प को पूरा करने का एक 'सीक्रेट प्लान' है। यदि पार्टी उनके इस कथित प्लान को लागू किया जाए तो राज्य में फिर से पंजा राज कर सकता है।
1. अनुभवी नेताओं का सम्मान
सचिन पायलट ने पिछले विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों पर कुछ बातें सामने रखी हैं। उन्होंने कहा, 'मैं बहुत कम उम्र में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बन गया था। जो भी अनुभवी नेता थे वो 10-15-20 साल बड़े थे। मुझे लगा मैं उनसे उम्र में छोटा हूं और लेकिन पद बड़ा है। उनको लगना नहीं चाहिए कि ये हमसे उम्र में छोटा है और बड़े पद पर बैठा है। ऐसे में मैं लोगों के घरों में गया। दोगुना झुक कर, उनके पांव छुए, हाथ जोड़े, दादा-दादी, चाचा, ताई सब बोल कर, सबको कहा कि आपको लगना नहीं चाहिए, उनसे छोटा बड़े पद पर बैठा है।' उन्होंने कहा, यह सब इसलिए कि उनको मेरे साथ काम करने में अजीब न लगे। क्योंकि सबको साथ लेकर चलना था, पार्टी को उस समय इसकी जरुरत थी।
और ऐसे 2018 में सरकार बनी
पायलट ने बताया कि राजस्थान में 200 विधानसभा सीटें हैं। कांग्रेस पार्टी इनमें से 21 पर रह गई थी। एक सीट कम होती तो नेता प्रतिपक्ष भी नहीं बन पाते। उन्हाने कहा, 'उस हाल में पार्टी ने मुझे कहा कि आप अध्यक्ष बनकर काम कीजिए। तब 5 साल का संघर्ष रहा। सबका सहयोग लिया और सब ने सहयोग दिया भी। और उसका परिणाम था कि 2018 में सरकार बना पाए।'
2. ये काम किया तो बनेगी सरकार
पायलट ने कहा है कि पिछले 30 साल में हर पांच साल में राजस्थान में सरकार बदल जाती है। मुझे चिंता है कि जब हम सत्ता में रहते हैं तो काम करते हैं। जब सत्ता छोड़ते हैं या हारते हैं तो इतना लंबा हारते हैं कि वो गेप बहुत लंबा होता है। एक बार हम रह गए थे 50-52 पर 21 सीटों पर रह गए। तो उसको कवरअप करना बहुत चुनौती होती है। हमें इतिहास से सीखना पड़ेगा। हमने राजस्थान में इस परिपाटी को तोड़ने का संकल्प लिया है। दो-ढाई साल पहले कुछ सीक्रेट फॉमूले दिए थे, सरकार और संगठन में क्या कर सकते हैं? ताकि ये पुनरावृति न हो। लोगों की धारणा बन गई है कि 5 साल कांग्रेस आएगी, 5 साल बीजेपी रहेगी। लेकिन ऐसा नहीं है, बाकि प्रदेशों में कांग्रेस रिपीट हुई है।
4. अपनी बात को रखो
पायलट ने यह भी कहा कि हम तीसरी बार न हारें, इसलिए खुले मन से दो ढाई साल पहले, मुझे लगा कुछ कर सकते हैं। पार्टी को सुझाव दिए। तब सोनिया जी अध्यक्ष थीं। सबसे बात की, अपनी बात को रखा। कुछ कदम उठाए भी हैं लेकिन हमें और कुछ करने की जरूरत है। लेकिन चुनौती बड़ी है। क्यों कि विधानसभा के बाद लोकसभा का चुनाव है। पिछली बार हम 25 की 25 सीटें हार गए थे।
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