Rajasthan News : भजनलाल सरकार ने प्रदेश में घटती ऊंटों की संख्या को लेकर चिंता जाहिर की है। राज्य सरकार ने राज्य पशु ऊंट की घटती संख्या को रोकने के लिए संरक्षण के लिए ऊंट संरक्षण और विकास की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत ऊटपालकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ ऊंट संरक्षण के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं।
भजनलाल सरकार के एक साल पूरा होने पर ऊंटपालकों को बड़ी खुशखबरी दी है। इस मिशन के तहत ऊंटपालकों को दी जाने वाली सहायता राशि को दोगुना कर दिया गया है, बता दें कि इससे पहले प्रसव पर दी जाने वाली सहायता राशि 10 हजार रुपए थी, जिसे बढ़ाकर 20000 रुपए कर दिया गया है, यह राशि ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने के बाद 2 किस्तों में विभागीय वेरिफिकेशन के बाद दी जायेगी।
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ऊंट संरक्षण के इस कार्यक्रम में पशुपालन विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर ऊंटपालकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का कार्य करेंगे। डीडवाना जिले के कुचामन में विभाग के उप निदेशक ओपी बुनकर ने कहा कि क्षेत्र के 9 ऊंटपालकों को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है। पहली किश्त की राशि खाते में जमा की जा चुकी है। बता दें कि ऊंटपालकों को इस योजना से जोड़ने के लिए आधार और जन आधार के साथ ई-मित्र पर आवेदन करना होता है, इस योजना के लिए अलग से अधिकारी और कर्मचारियों के पद भी स्वीकृत किए गए हैं। जो ऊंटपालकों से संपर्क कर उन्हें योजनाओं की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया समझाएंगे। इस योजना से ऊंटपालकों का मानना है कि उन्हें न केवल आर्थिक सहायता मिलेगी। बल्कि ऊंटों की घटती संख्या को थामने और उनके विकास में भी मदद मिलेगी।
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