वित्तीय वर्ष के अंत में जल जीवन मिशन से एक अच्छी खबर आई है। उच्च स्तर पर निरंतर मॉनिटरिंग एवं समीक्षा से प्रदेश में मिशन का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ा है। राजस्थान ने अब तक के सर्वाधिक जल कनेक्शन का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 31 मार्च को एक दिन में 27 हजार 470 कनेक्शन किए हैं। इससे पहले 26 मार्च को 16,742 जल कनेक्शन किए गए थे। वित्तीय वर्ष 2022-23 में कुल 14 लाख 13 हजार 679 जल कनेक्शन किए जा चुके हैं।
जल जीवन मिशन ने जनवरी से मार्च की तिमाही में रफ्तार पकड़ी और तीन महीने में 7 लाख 34 हजार 715 जल कनेक्शन दिए गए। जनवरी से मार्च की तिमाही के प्रतिदिन जल कनेक्शन को देखें तो राजस्थान देश में तीसरे स्थान पर रहा है। मार्च में प्रतिदिन कनेक्शन का औसत 12 हजार 67 रहा जबकि पिछले एक सप्ताह का औसत प्रतिदिन 20 हजार कनेक्शन से ऊपर रहा है। अकेले मार्च माह में 3 लाख 74 हजार 65 ग्रामीण परिवारों को जल कनेक्शन दिए गए।
जिले ने एक लाख से अधिक जल कनेक्शन :
वित्तीय वर्ष 2022-23 के जल जीवन मिशन के तय लक्ष्यों को हासिल करने वाले टॉप 5 जिलों में झालावाड़ ने 76 प्रतिशत, भीलवाड़ा 71, कोटा 69, चित्तौड़गढ़ 66 एवं उदयपुर ने 66 फीसदी प्रगति की है। जयपुर जिले ने एक लाख से अधिक जल कनेक्शन किए हैं। प्रदेश में कुल 7 जिलों ने 50 फीसदी से अधिक जल कनेक्शन का लक्ष्य हासिल कर लिया है। इससे पहले इनकी संख्या 3 थी।
राजस्थान देश में 12वें स्थान पर :
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. महेश जोशी ने कहा कि प्रदेश में अब 39.08 लाख ग्रामीण परिवारों तक नल के माध्यम से जल पहुंच रहा है। जेजेएम में कुल जल कनेक्शन के आधार पर अब राजस्थान देश में 12वें स्थान पर आ गया है। उन्होंने जेजेएम में राजस्थान की इस प्रगति पर विभाग के अधिकारियों एवं अभियंताओं को बधाई देते हुए इस गति को बरकरार रखते हुए वित्तीय वर्ष 2023-24 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अभी से रोडमैप बनाने के निर्देश दिए।
डॉ. जोशी ने कहा कि जल जीवन मिशन की शुरूआत हुई तब राजस्थान में महज 10 प्रतिशत जल कनेक्शन ही पहले से उपलब्ध थे जो कि अन्य राज्यों के मुकाबले काफी कम थे। दिसम्बर 2019 में प्रदेश में 'हर घर जल कनेक्शनÓ वाले परिवारों की संख्या 11 लाख 74 हजार 131 थी जो अब बढ़कर 39 लाख 8 हजार हो गई है। इस प्रकार 2019 से लेकर अभी तक प्रदेश में 27 लाख 35 हजार नए जल कनेक्शन दिए जा चुके हैं जो कि राजस्थान जैसे विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य में एक उपलब्धि है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जल जीवन मिशन को लेकर सितम्बर 2022 से मार्च 2023 तक तीन समीक्षा बैठकें कर चुके हैं। इसके अलावा जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी, अतिरिक्त मुख्य सचिव पीएचईड़ी डॉ. सुबोध अग्रवाल के स्तर पर भी मिशन की लगातार मॉनिटरिंग एवं रिव्यू किया गया।
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