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Rajkumar Roat News : जयपुर। बांसवाड़ा से सांसद राजकुमार रोत (Rajkumar Roat) ने अपने बयानों से सियासत में हलचल मचा दी है। आदिवासियों का पक्ष लेते हुए सरकार से ऐसी मांग कर डाली है जिसे सुनने के बाद आपके कान खड़े हो जाएंगे। दरअसल राजकुमार रोत हाल ही में मीडिया कर्मियों से रुबरु हुए और उन्होंने आदिवासी समुदाय के लिए स्टैंड लेते हुए बहुत कुछ कहा। रोत ने कहा कि। एतिहासिक पृष्ठभूमि पर देखा जाए तो आदिवासी की पूजा पद्धती रीति रीवाज बिल्कुल अलग है।
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राजस्थान में आने वाले दिनों में 7 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इसको लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों की सियासत में जमकर हलचल मची हुई। इसी बीच राजस्थान के बांसवाड़ा से सांसद राजकुमार रोत (Rajkumar Roat) ने अपने बयानों से सियासत में हलचल मचा दी है। आदिवासियों का पक्ष लेते हुए सरकार से ऐसी मांग कर डाली है जिसे सुनने के बाद आपके कान खड़े हो जाएंगे। दरअसल राजकुमार रोत हाल ही में मीडिया कर्मियों से रुबरु हुए और उन्होंने आदिवासी समुदाय के लिए स्टैंड लेते हुए बहुत कुछ कहा। रोत ने कहा है कि एतिहासिक पृष्ठभूमि पर देखा जाए तो आदिवासी की पूजा पद्धती रीति रीवाज बिल्कुल अलग है।
वो किसी भी धर्म में मेल नहीं खाती भले ही वो हिंदू हो ईसाई या फिर सिक्ख हो। लेकिन आदिवासी समुदाय का इतिहास रहा है वो आस्था जरुर रखता आ रहा है जैसा की सामान्य तौर पर जैन समुदाय या फिर ईसाई समुदाय रखता है। उनके त्योहार रिति रिवाज अलग होते हुए भी उनकी जनसंख्या गणना अलग होती है। तो फिर आदिवासी समुदाय की जनगणना अलग क्यों नहीं हो सकती है। सैंविधानिक दृष्टि से देखा जाए तो आदिवासी हिंदू धर्म में नहीं आता है। ना ईसाई ना मुस्लिम, लेकिन देश लेवल पर हमने जो फेस किया। वो ये है कि आदिवासी समुदाय महाराष्ट्र में मुस्लिम बना हुआ है। कई जगह जैन बना हुआ है कई जगह ईसाई बना हुआ है। रोत ने आगे बढ़ते हुए कहा, आदिवासी समुदाय की आइटेंटीटी समाप्त होती जारी है है इसलिए हम सरकार से कहना चाहते हैं कि सरकार आदिवासी के लिए कुछ करना चाहती है इनके संक्षरण के लिए काम करें। आदिवासी का अलग से धर्म कॉलम जनगणना में जारी करें ये मांग एक लंबे समय से चल रही है, लेकिन केंद्र में और राज्य में दोनों में सत्ताधारी बीजेपी सरकार वास्तविकता में क्या कर रही है। ये आदिवासियों को धर्म के नाम पर बांध कर रख रही है। हम ये नहीं कह रहे कि हम धर्म के खिलाफ हैं या किसी धर्म में कोई गलती निकाल रहे हैं।
राजकुमार रोत (Rajkumar Roat) यही नहीं रुके उन्होंने डबल इंजन की सरकार पर भी कड़ा प्रहार किया और कहा कि विकास, शिक्षा, चिकित्सा पर काम करना चाहिए. लेकिन यह सरकार धर्म का प्रचार कर रही है। भाजपा सरकार पाठ्यक्रम में भी कई सारे बदलाव कर रही है। सरकार ट्राइब से जुड़ी तमात बातों को पाठ्यक्रम में से खत्म कर रही है। ये सरकार के द्वारा सही काम नहीं है। धर्म की राजनीति करना बिल्कुल ठीक नहीं है। लेकिन एक बात है दोस्तों अपनी पूरी बातचीत के दौरान रोत ने आदिवासियो के लिए अलग से जनगणना करवाने की मांग सरकार से कर दी है।
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