जयपुर। सीएम अशोक गहलोत के द्वारा नए जिलों का शुभारंभ किया गया था। सीएम गहलोत के नए जिलों की घोषणा करने के बाद इसे अम्लीजामा पहनाने की कवायद भी शुरू कर दी गई है। प्रशासनिक तथा राजस्व सीमा तय करने के लिए कार्य किया जा रहा है। नए जिलों की घोषणा करने के दौरान मुख्य सचिव ऊषा शर्मा ने नए जिलों की जरूरत क्यों हैं इसके बारे में विस्तार से बताया था। इस मौके पर ऊषा शर्मा ने बताया था की आखिर नए जिलों की आवश्यकता क्यों है।
नए जिलों की घोषणा के बाद से ही आजमजन की मन में कई सारे सवाल भी उठ रहे है। आखिर इन जिलों का गठन कब तक किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ती कब की जाएगी। नए जिले बनाने के लिए कमेटी बनाई गई थी इस कमेटी का नाम रामलुभाया कमेटी था। इस कमेटी के द्वारा 7 जिले बनाने के लिए प्रस्ताव रखा था। उसके बाद जिलों पर चर्चा करने के दौरान इसकी संख्या 19 कर दी गई।
जिले बनने में समय
एडहॉक व्यवस्था के अनुसार नए जिले की शुरूआर 2 माह में अफसर की नियुक्ति के साथ की जा सकती है। उसके बाद नए जिले का चरणवार कार्य पूरा किया जा सकता है। प्रत्येक जिले के लिए मौजूदा प्रशासन से प्रस्ताव भी मांगे जाएंगे।
क्या होगा गठन का आधार
नए जिलों का गठन तहसील को आधार बनाकर ही किया जाएगा। 19 नए जिलों को लेकर विवाद होने पर गठन की प्रक्रिया में बदलाव किया जा सकता है। बदलाव के दौरान ग्राम इकाई तक विभाजन प्रणाली को अपनाया जा सकता है।
क्या होगा नए जिलों का प्रशासनिक ढ़ाचा
नए जिलों के प्रशासनिक ढांचे की बात करे तो बजट आवंटन के आधार पर प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। स्टाफ, सर्किट हाउस सहित अन्य निर्णय जल्द ही लिए जाएंगे।
कौनसे दस्तावेजों में होगा बदलाव
नए जिले बनने के बाद दस्तावेजों को लेकर आमजन असमंजस की स्थति में है। दस्तावेजों में बदलाव से पहले रेवेन्यू रिकॉर्ड बदला जाएगा। जैसे ही रिकॉर्ड बदला जाएगा उसके बाद पता, और आम नागरिक के परिचय से जुडें सभी दस्तावेज। इन दस्तावेजों में नए जिले का नाम शामिल किया जाएगा।
सबसे बड़ा खर्च कितना होगा
नया जिला बनने पर सुविधाएं भी बदलेगी। ऐसे में जिला अस्पताल, कोर्ट, पुलिस लाइन, प्रशासनिक अधिकारियों के ऑफिस सहित मशीनरी लगाने का खर्च भी होगा। उसके बाद इनमें काम करने के लिए कर्मचारियों कि नियुक्ती भी कि जाएगी।
अफसरों को नए अवसर
नए जिले बनने से अफसरों को भी नए अवसर मिलेगे। नए संभाग बनने से 3 संभागीय आयुक्त नियुक्त किए जाएंगे। इसके साथ ही 17 जिला कल्कटर होंग। नए जिलां के साथ ही नई जिला परिषदों में सीईओ के पद भी होंगे तथा नए आईएएस लगाए जाएंगे। प्रमोशन की संभावना भी अधिक है।
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