जयपुर। राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक सीकर जिला स्थित खाटूश्यामजी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है। उनके लिए भारतीय रेलवे द्वारा रेल नई लाइन बिछाई जाने की योजना है। रींगस से खाटूश्यामजी की दूरी करीब करीब 16 किलोमीटर है। ऐसे में यहां ट्रैक बिछाने के लिए जल्द ही सर्वे शुरू किया जा रहा है। इसके लिए इंडियन रेलवे ने सर्वे करवाने के लिए बजट को मान्य कर दिया है।
केंद्रिय रेल मंत्री ने की घोषणा
आज केंद्रिय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रींगस से खाटूश्यामजी तक नई रेल लाइन की घोषणा की है। उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए 40 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस ट्रैक के सर्वे का काम जल्द पूरा किया जाएगा। उसके बाद जमीन अधिग्रहण और ट्रैक बिछाने का काम होगा।
अभी ये हुआ है प्रावधान
अश्विनी वैष्णव के मुताबिक अभी नई रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे और डीपीआर तैयार करने के लिए पैसे स्वीकृत प्रावधान किया है। केंद्रिय मंत्री ने बताया कि सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक आस्था के केंद्रों की कनेक्टिविटी पर रेलवे की ओर से विशेष काम किया जा रहा है। इससे पहले गुजरात में अंबाजी के लिए भी ऐसे ही नई लाइन का काम शुरू करवाया गया है।
खाटूश्याम हर साल आते हैं 50 लाख श्रद्धालु
राजस्थान के सीकर जिला स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन के लिए देशभर से हर साल 50 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आते है। अभी रेलवे की ओर से जयपुर से रींगस के तक ट्रेन का संचालन किया जाता है। रींगस भैरवजी के दर्शन करने के बाद खाटूश्यामजी मंदिर तक 16 किलोमीटर श्रद्धालु पैदल या दूसरे सड़क मार्ग पर वाहनों से जाते है। फाल्गुन के महीने में भरने वाले लक्खी मेले के लिए रेलवे यहां कई स्पेशल ट्रेन संचालित करता है, जबकि कई ट्रेनों का स्टॉपेज भी यहां दिया जाता है।
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