राजस्थान में भजनलाल सरकार ने (RSCERT New Eduction Plan) शिक्षा विभाग को लेकर बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है और अब 6वीं से 12वीं के 50 लाख से ज्यादा बच्चों को जीवन कौशल यानी लाइफ स्किल्स की ट्रेनिंग के साथ उनको शिक्षा दी जाएगी। भविष्य की चुनौतियों से निपटने की कला सरकारी स्कूल के बच्चों को सिखाई जाएगी जो उनके जीवन में हमेशा काम आएगी।
शिक्षा विभाग ने इसी नए सत्र से जीवन कौशल नाम से जूनियर-सीनियर लेवल की दो नई किताबें बच्चों को देने का फैसला किया है। इन किताबों को हर शनिवार केवल ‘नो बैग डे’ के दिन ही पढ़ाया जाएगा। (RSCERT New Eduction Plan) इसका मुख्य लक्ष्य बच्चों में लीडरशिप विकसित करने, जीवन में तनाव को दूर करने जैसे 8 महत्वपूर्ण टॉपिक शामिल किए है। इन सभी टॉपिक को कहानियों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाएगा ताकि बच्चे रोचक तरीके से इनको आसानी से सीख जाए।
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राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उदयपुर ने स्कूली बच्चों पर सर्वे के बाद इस कोर्स को तैयार किया है। सिलेबस बदलाव का काम उदयपुर स्थित राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ही करती है। स्कूली बच्चों और टीचर्स को जीवन कौशल ज्ञान को लेकर 2022-23 सत्र में एक सर्वे किया गया था। (RSCERT New Eduction Plan) सर्वे में खुलासा हुआ कि 57% टीचर और स्टूडेंट्स को इन सब्जेक्ट के बारे में पता नहीं है।
सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर 8 तरह की स्किल्स पर काम करने की जरूरत बताई गई। (RSCERT New Eduction Plan) सबसे खास तनाव था और तनाव का मुकाबला कैसे करें, इसे लेकर बच्चे कोई जवाब नहीं दे पाए। इसी वजह से इस विषय को प्रथम स्थान दिया गया है। दूसरा क्रिटिकल थिंकिंग को लेकिर किया जिसके बारे में भी बच्चों को ज्यादा जानकारी नहीं है।
1 कम्युनिकेशन: इसको लेकर भी ज्यादा जानकारी होनी चाहिए।
2 लीडरशिप: टीम भावना और जवाबदेही जैसे गुण विकसित होने चाहिए।
3 क्रिटिकल थिंकिंग: किसी भी प्रकार की परिस्थिति में निर्णय लेने की समझ होनी चाहिए।
4 समस्या का समाधान: जीवन में आने वाली सभी समस्या का समाधान निकालना सीखें।
5.डिसीजन मेकिंग: करियर से संबंधित निर्णय लेने की स्किल्स।
6. तनाव को झेलना: तनाव से मुकाबला कैसे करना समझें।
7. इमोशनल मैनेजमेंट: नेगेटिव और पॉजिटिव भावनाओं पर नियंत्रण करना।
8. लचीलापन : लचीलापन का गुण हर बच्चे में होना चाहिए।
आरएससीईआरटी ने बताया इस विषय के लिए बच्चों को कोई पेपर नहीं देना होगा। (RSCERT New Eduction Plan) लेकिन अनिवार्य सब्जेक्ट के तौर पर इसकी पढ़ाई होगी। कक्षा 6 से 8 के लिए जूनियर और कक्षा 9 से 12 के लिए सीनियर बुक तैयार की जा रही है।
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