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Rajasthan Politics : राजस्थान में मचा हंगामा, सड़क से पटरी तक आंदोलन

Rajasthan Politics : जयपुर। राजस्थान में गहलोत राज में बने 17 में से 9 जिलों को खत्म करने के बाद भजनलाल सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 9 जिले और 3 संभाग खत्म करने के मामले में हर जगह आक्रोश का महौल है। इसी बीच अब सांचौर सड़कों पर उतर गए है। आइए जातने है कि आखिरकार सांचौंर में क्या हो रहा है?

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने कैबिनेट बैठक में राजस्थान के कई जिलों को खत्म करने के फैसले के बाद प्रदेश में कई जगह आक्रोश है। सरकार ने जिन नए जिलों को खत्म किया है, भजनलाल सरकार ने अनूपगढ़, दूदू, गंगापुरसिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, केकड़ी, नीमकाथाना, सांचौर, और शाहपुरा। इसके साथ ही, सरकार ने बांसवाड़ा, सीकर, और पाली को संभाग का दर्जा खत्म करने का भी निर्णय लिया है। जिन जिलों को खत्म किया है, वहां बवाल धमने का नाम नहीं ले रहा। वहीं अब सांचौर जिला समाप्त करने के विरोध में पूर्व राज्य मंत्री सुखराम बिश्नोई ने आंदोलन शुरु कर दिया है। अनूपगढ़ में जिला बनाओ संघर्ष समिति ने प्रदर्शन किया। अनूपगढ जिला बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश बिश्नोई ने कहा कि हम लोग बहुत ठगा सा महसूस कर रहे हैं कि इतनी मेहनत के बाद जिला बनाया गया और उसके बाद उसे समाप्त कर दिया गया, इस बात को लेकर लोगों में बहुत आक्रोश है।

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वही शाहपुरा जिला बनाओ संघर्ष समिति के लोगों ने बाजार बंद करवाए, वहीं, नीमकाथाना में टायर जलाकर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही अनूपगढ़ व्यापार मण्डल में विभिन्न सामाजिक और व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। जिसके बैठक में नेशनल हाईवे 911 को जाम करने का निर्णय लिया गया और काफी इसके बाद नेशनल हाईवे नंबर 911 को जाम कर दिया गया है और सांचौर में भी प्रदर्शन शुरू हो गया है। बता दे कि 7 अगस्त 2023 को कांग्रेस सरकार ने सांचौर को जिला घोषित किया था, जिसमें रानीवाड़ा, चितलवाना और बागोड़ा पंचायत समितियां शामिल थीं। लेकिन रानीवाड़ा और बागोड़ा के कुछ लोगों ने सांचौर में शामिल होने का विरोध किया था। इस फैसले की पुनः समीक्षा के बाद 16 महीने बाद सांचौर का जिला दर्जा खत्म कर दिया गया। अब सांचौर फिर से जालोर जिले का हिस्सा बन गया है।

इस पूरे मामले पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत भी भजनलाल सरकार पर हमलावर है, गहलोत ने कहा कि जिला छोटा बनाकर आप अच्छा गवर्नेंस दे सकते थे, लेकिन भजनलाल सरकार ने एक मौका गंवा दिया। एक साल में सरकार का परसेप्शन बिगड़ गया है, मैं भी चाहता था कि सरकार को समय मिले, भजनलाल जी पहली बार बने थे। भैरोसिंह शेखावत जी ने जब जिले बनाए, तब वहां कौन सा इन्फ्रास्ट्रक्चर था? जो जिले बने वहां सारे काम हो रहे थे, 38 किलोमीटर पर डीग रख दिया, दूदू क्यों हटा दिया। दूदू हमारा प्रयोग था कि अगर आगे जिले बनाएंगे तो किस तरह की समस्याएं आएंगी? हम यह प्रयोग करना चाहते थे।

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Mukesh Kumar

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