स्थानीय

देश में शिक्षक परफॉर्मेंस को जानने के लिए पहला व अनूठा नवाचार

Teacher Portfolio : जयपुर। अब तक आपने विद्यार्थी पोर्टफोलियो के बारे में सुना होगा, लेकिन अब शिक्षक की कार्यकुशलता और परफॉर्मेंस को मापने के लिए शिक्षक पोर्टफोलियो का निर्माण भी किया गया है। पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राहोली के प्रधानाचार्य डॉ. योगेन्द्र सिंह नरूका ने शिक्षक की कार्यकुशलता को बेहतर बनाने के लिए एक नवाचार करते हुए शिक्षक पोर्टफोलियो का निर्माण किया है। इस नवाचार के बारे में प्रधानाचार्य शिक्षाविद डॉ. योगेन्द्र सिंह नरूका बताते हैं कि मेरे द्वारा किए जा रहे विभिन्न शैक्षणिक अध्ययनों और शोधों से यह प्रमाणित होता जा रहा था कि कई शिक्षक अपनी परफॉर्मेंस के बारे में अनभिज्ञ रहते हैं। ऐसे में जब परीक्षा परिणाम खराब आते हैं, तो शिक्षक अक्सर दोष विद्यार्थियों, अभिभावकों, या आसपास के वातावरण को देते हैं।

शिक्षक की परफॉर्मेंस को नापने के लिए टूलकिट

डॉ. नरूका कहते हैं कि शिक्षक की परफॉर्मेंस को नापने के लिए टूलकिट का नवाचारी प्रयोग पीएमश्री स्कूल राहोली में पहली बार किया जा रहा है। इससे पहले किसी भी शैक्षणिक संस्थान में ऐसा कोई नवाचार नहीं हुआ है। उन्हें यह विश्वास है कि एक शिक्षक की कार्यकुशलता का सीधा प्रभाव विद्यालय, विद्यार्थी, अभिभावक और समुदाय पर पड़ता है। इसी महत्वपूर्ण पहलू को ध्यान में रखते हुए शिक्षक पोर्टफोलियो तैयार किया गया है। शिक्षक पोर्टफोलियों के कवर पेज पर शिक्षक के फोटो के साथ सामान्य परिचय रहेगा तथा उसके विषय में बोर्ड कक्षाओं का परीक्षा परिणाम सत्रवार लिखा जाएगा जिसे देखकर वो अपने शैक्षणिक परिणाम बेहतर करने के लिए प्रेरित हो सकेगा इसके साथ ही शैक्षणिक, सह शैक्षणिक कार्यक्रम के अनुसार पोर्टफोलियों प्रपत्र भी तैयार किए गए है जो शिक्षक के किसी कार्यक्रम में कितनी भागिदारी रही का टूल किट रहेगा जिसे सम्बलन अधिकारी भी देख कर शिक्षक के शैक्षिक,सह शैक्षिक योगदान को जान सकेगे।

यह खबर भी पढ़ें:-विजयवर्गीय बर्फी वालो के कारखाने पर छापेमारी, टीम ने मिठाइयों के सैंपल लिए

हर 3 महीने में शिक्षक की परफॉर्मेंस का असेसमेंट किया जाएगा

टूलकिट पूरी तरह से टार्गेट-आधारित है, जिसके अंतर्गत हर तीन माह में शिक्षक की परफॉर्मेंस का असेसमेंट किया जाएगा। सत्र के अंत में कुल प्रदर्शन के आधार पर शिक्षकों को ग्रेडिंग प्रदान की जाएगी। पोर्टफोलियो में शिक्षक अपने अचीवमेंट्स के फोटोग्राफ्स, समाचार पत्र कटिंग्स, प्रमाणपत्र आदि भी संलग्न करेंगे, जिससे उनके कार्यों और उपलब्धियों का संपूर्ण रिकॉर्ड प्रस्तुत किया जा सके। डॉ. नरूका का उद्देश्य है कि यह नवाचार सम्पूर्ण शिक्षा विभाग में लागू किया जाए। वे चाहते हैं कि जिन शिक्षकों का परफॉर्मेंस स्तर संतोषजनक नहीं है, उनकी छंटनी की जाए। इसके अलावा, कम परफॉर्मेंस वाले शिक्षकों के लिए विशेष रेमेडियल ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाने की आवश्यकता है, ताकि उनकी क्षमताओं में सुधार हो सके।

लेटेस्ट न्यूज से अपडेट रहने के लिए हमारे फेसबुक पेज व यूट्यूब चैनल से जुड़ें।

 

Mukesh Kumar

Recent Posts

The Secret Behind Saumic Craft Success in Helping Artisans!

India is known for handmade crafts. Our artisans make beautiful items with their hands, keeping…

1 दिन ago

Saumic Craft: Helping India to Start ₹0 Investment Businesses

In today’s time, everyone wants to do their own business. But the biggest problem is…

2 दिन ago

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर रखे अपने दिल के स्वास्थ्य का ख्याल

World Health Day : विश्व स्वास्थ्य दिवस हर साल 7 अप्रैल को मनाया जाता है…

2 दिन ago

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सराहे पीएमश्री स्कूल राहोली के शैक्षणिक नवाचार

टोंक। विगत तीन वर्षों से अपने शैक्षणिक नवाचारों से चर्चित राहोली के पीएमश्री राजकीय उच्च…

4 दिन ago

क्षत्रिय समाज की बड़े आंदोलन की तैयारी: ठाकुर शिवराज सिंह शक्तावत

जयपुर। हाल ही में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के द्वारा दिए गए विवादित…

6 दिन ago

नववर्ष पर होगा विराट पथ संचलन

जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ऋषि गालव भाग द्वारा 30 मार्च, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष पर…

1 सप्ताह ago