VHP on Bangladesh violence: बांग्लादेश में हिंदुओं पर होते अत्याचारों और भारत में बढ़ते बांग्लादेशी घुसपैठ को आज लेकर विश्व हिंदू परिषद् ने अपनी आवाज बुलंद की। विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने जहां एक ओर अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने के राजस्थान सरकार के निर्णय का स्वागत किया। वहीं राणा सांगा और महाराणा प्रताप जैसे धर्मवीरों की धरती पर धर्मांतरण के षड्यंत्र की निंदा भी की। राजस्थान सरकार ने धर्मांतरण को रोकने का जो निर्णय लिया। वह आज के समय की मांग है। धर्मांतरण के द्वारा केवल आस्थाओं पर चोट ही नहीं की जाती है महान हिंदू धर्म को अपमानित भी किया जाता है। धर्मांतरण के कारण हुए जनसंख्या असंतुलन के कारण ही भारत का विभाजन हुआ था और स्वतंत्रता के बाद हिंदू समाज पर अनेक प्रकार के अत्याचार हुए। अब सरकार और समाज भी सशक्त रूप से खड़ा हो गया है। इसलिए उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि अब राजस्थान से धर्मांतरण और लव जिहाद हमेशा के लिए मुक्त हो जाएगा।
जैन ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर जिस प्रकार के बर्बर अत्याचार हो रहे हैं वे हिंदुओं के सामूहिक नरसंहार दिखाई देते हैं। आज वहां पर हिंदू समाज का सफाया करने का षड्यंत्र किया जा रहा है। जैसी स्थिति सभी मुस्लिम बहुल देशों में या क्षेत्रों में मुस्लिम समाज वहां के अल्पसंख्यकों के साथ करता है। वही दृश्य आज बांग्लादेश में दिखाई दे रहे हैं। जनसंख्या असंतुलन के क्या दुष्परिणाम हो सकते हैं। दुर्भाग्य है कि भारत के वे सेकुलर और मुस्लिम नेता, जो मुस्लिम समाज के ऊपर हुए किसी कथित छोटे-मोटे हमले पर भी आसमान सर पर उठा लेता है, हिंदू समाज पर हो रहे इन भीषण अत्याचारों पर मौन क्यों है?
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संपूर्ण देश के हिंदू समाज ने बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों के साथ अपनी एक जुटता दिखाई। राजस्थान में भी जिस प्रकार के विरोध प्रदर्शन यहां के समाज ने किए हैं। इससे स्पष्ट हो गया है की राजस्थान का हिंदू समाज अब हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और धर्मांतरण के षडयंत्रों को किसी भी कीमत पर स्वीकार करने को तैयार नहीं है। अब बांग्लादेशी घुसपैठियों को भी भारत से निकालने का समय आ गया है। राजस्थान सरकार से अपील है कि वे इस दिशा में सख्त कार्यवाही करें। हिंदू समाज सरकार को हर प्रकार का सहयोग देगा। परिषद ने धर्मांतरण करने वाली सभी जिहादी और मिशनरी संस्थाओं को चेतावनी दी कि वे अपनी पूजा पाठ तक सीमित रखें। हिंदुओं पर अत्याचार या धर्मांतरण का कोई षड्यंत्र अब राजस्थान मेंसंभव नहीं है।
अजमेर की दरगाह शरीफ का विषय न्यायालय के समक्ष है। वहां के बारे में इतिहास तथा समाज के कई वर्गों ने बार-बार वहां पर जैन या अन्य मंदिर होने के कई बार सबूत प्रस्तुत किए गए हैं। निर्णय न्यायपालिका को करना है और उनके निर्णय की प्रतीक्षा करनी चाहिए। उनके निर्णय आने से पहले ही जिस प्रकार के धमकी भरे बयान कई खादिमों के द्वारा दिए गए। वह उनकी जिहादी मानसिकता के ही प्रतीक है। जो बार-बार प्रकट होती है। सब जानते हैं कि वहां जाने वालों में अधिकांश हिंदू है। वही सबसे अधिक चढ़ावा चढ़ाते हैं। हिंदुओं के चढ़ावों पर से ही खादिम और चिश्ती यदि हिंदू समाज को चुनौती देने वाले या “सर तन से जुदा करने” वाले बयान देंगे तो इससे यह एकदम स्पष्ट है कि वे मोहम्मद गौरी जैसे आक्रमणकारियों के साथ ही जोड़कर देखते हैं। परिषद राजस्थान सरकार से अपील करती है कि वे उनके बयानों का अध्ययन करें और आपत्तिजनक बयानों पर कठोरता कार्यवाही करें। जिससे कोई मुल्ला मौलवी ऐसा न कर सके। डॉक्टर सुरेंद्र जैन ने कहा कि मेवात भगवान कृष्ण की क्रीड़ास्थली है। Hindu in Bangladesh बचाए रखना बहुत जरूरी है।
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