जोधपुर। जाटों को केंद्र में ओवीसी आरक्षण मिले एक दशक से ज्यादा समय बीत चुका हैं। जाट समाज के बाद अब विश्नोई समाज ने केंद्र में आरक्षण के लिए हुंकार भर दी हैं। विश्नोई समाज की और से ओबीसी आरक्षण में हिस्सेदारी मांगी जा रही हैं। आरक्षण की मांग को लेरक विश्नोई समाज सक्रिय हो चुका हैं। विश्नोई समाज की और से लगातार बैठक आयोजित की आगे की रणनीति तैयार की जा रही हैं। जोधपुर, बाड़मेर, नागौर, बीकानेर, पाली, जालौर सहित कई इलाकों में आरक्षण की मांग पुरजोर तरीके से उठाई जा रही हैं। विश्नोई समाज ने कहा की विश्नोई समाज को ओबीसी आरक्षण में सन 2000 में शामिल किया गया था। इसको लेकर राज्य सरकार की और से प्रतिवेदेन केंद्र सरकार को दिया गया था, लेकिन मामला अभी तक लंबित हैं।
सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
चुनाव से पहले विश्नोई समाज ने आरक्षण की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हैं। विश्नोई समाज की और से आरक्षण नहीं मिलने पर आंदोलन का निर्णय भी लिया गया हैं। अखिल भारतीय विश्नोई महासभा के प्रधान देवेंद्र बुडिया ने कहा आरक्षण की मांग काफी पुरानी हैं। हम लंबे समय से इस मांग को उठाते हुए आये हैं। बुडिया ने बताया की जोधपुर में अलग-अलग जिलों में आरक्षण की मांग को लेकर सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं।
विश्नोई समाज की और से आरक्षण की मांग को लेकरि दिल्ली में प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसको लेकर भी समाज की और से तैयारी की जा रही हैं। 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी ने जाट समाज को ओबीसी आरक्षण में शामिल किया था। जोधपुर के उपजिला प्रमुख विक्रम सिंह विश्नोई ने बताया की राज्य सरकार की और से केंद्र सरकार को आरक्षण के लिए प्रतिवेदन भेजा गया हैं। केंद्र सरकार एक बार विश्नोई समाज से बात करे और समाज की बात सुने।
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