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वाट्सऐप पर मारवाड़ी कविता, सुनकर मजा जाएगा

WhatsApp pe Kavita : खम्मा घणी हुकुम सा। आपणो खणो स्वागत है राजस्थानी मारवाड़ी शायरी माये। अडे थाने मिलेली मस्त मारवाड़ी शायरी जिने थे सोशल मीडिया पर शेयर करके छोरा छोरियां के सागे शेखी बघार सको। दोस्तों राजस्थान का नाम आते ही जबान से शहद जिस्यान मीठी मारवाड़ी बोली ही निकलसी। वाट्सऐप एक ऐसी बला है जो आजकल हर मोबाइल में पाई जाती है। आदमी रोटी खाबो भूल सके लेकिन WhatsApp चलाबो भूल जावे ओ हो नी सके। तो चलिए हम आपके लिए खास तौर पर वाट्सऐप पर मारवाड़ी कविता (WhatsApp pe Kavita) लेकर आए हैं, जिसे आप WhatsApp पे शेयर कर सकते हैं। तो अपने सभी राजस्थानी और मारवाड़ी बोलने वाले दोस्तों के साथ WhatsApp pe Kavita का मायड़ भाषा में आनंद उठाएं। हम चाहते है कि जो रुतबा इंग्लिश और हिंदी का है वही रुतबा राजस्थानी मारवाड़ी मायड़ भाषा का होना चाहिए। क्योंकि भाषा तो केवल एक माध्यम है, उसे ही सब कुछ मान लेना सही नहीं है। मतबल कि अंग्रेजी कोनी आवे तो म ग्वार थोड़ी हो गया।

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वाट्सऐप पर मारवाड़ी कविता (WhatsApp pe Kavita by rockshayar)

जि छाळा के जरिये सू, होवे सगळा काम टप
ऊ छाळा को अडे, नाम छै भाया वाट्सऐप

समारटफोना में ईको, परमानेंट एवन फलैट
नेट बिण यान छै, बड़ता बिण ज्यान सलेट।

आंगळ्या और अंगूठा, दाँता ने पीसता रेवे
कद छोड़ेलो कमीण, बस याही कहता रेवे।

प्रोफाइल फोटू का चक्कर भी घणा निराळा
सेल्फी लेबा में, गैल्या हो रिया सब घराळा।

राजस्थानी मारवाड़ी भाषा में शायरी कविता के लिए हमारे WhatsApp Channel से जुड़े।

स्टेटस की तो पछै, बाता ही काई केणी छै
बूढा डोकरा भी अडे, जो कूल डूड लिखे छै।

लोग लुगाई, छोरा छोरी, और टाबर टींगर
यान चिपक्या रेवे, ज्यान कोई हाबू झींगर।

मैसेज अतरी, अलग अलग तरान का आवे
कि ज्याने पढ पढ ही ऐ आँख्याँ सूज जावे।

हाई जानू, हेय ब्रो, हमममममम, हैलो मिस
और साथ में वे सब, स्माईली वाळा किस।

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भले ही मोबाइल की, बैटरी हो जावे खतम
चार्जर की राखे सदा, लारे ऐ सब तिकड़म।

धार्मिक मैसेज अडे जो, इतरा भेज्या जावे
के धरम भी इक बार तो खुद कंफ्यूज हो जावे।

हर तरह का वीडियो, वालपेपर मिले है घणा
पढबा लिखबाळारा दिल, ईपर खिले है घणा।

पेपर भी आजकल तो, ईपर ही लीक होवे है
आछी बुरी हर पोस्ट ने, ओ तो खुद ढोवे है।

हर चीज का हमेशा सू, दो पहलू हुया करे
आपणा पर है, कि यूज क्यान किया करे।

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सूचना तकनीक को, ओ कमाल है अनूठो
अपणा दिल सू कदई, ओ सवाल तो पूछो।

जे ई छाळा ने, कि रूप में काम में लैणो है
म्हारों तो शब्दा सू, बस इतरो हि कैणो है।

के जि छाळा के जरिये सू, होवे नोलेज अप
ऊ छाळा को ही, नाम छै भाया वाट्सऐप।।

– इरफान अली (RockShayar)

— शब्द सन्दर्भ —

छाळा – खिलौना, मन बहलाने की वस्तु
सगळा – सब
अडे – यहाँ
छै – है
ईको – इसका
बिण – बाना
यान – ऐसे
बड़ता – स्लेट पर लिखने की चाॅक
ज्यान – जैसे
आंगळ्या – उंगलियाँ
कद – कब
कमीण -दुष्ट
घणा – खूब
निराळा – अद्भुत
लेबा – लेना
गैल्या – पागल
रिह्या – रहे
घराळा – घरवाले
पछै – फिर
काई केणी – क्यां कहने
डोकरा – वृद्ध
अडे -यहाँ
लोग लुगाई – नर नारी
छोरा छोरी – युवक युवती
टाबर टींगर – बालक शिशु
चिपक्या रेवे – चिपके रहते
हाबू झींगर – कीट पतंगे
अतरी – इतनी
तरान – तरह
आँख्याँ – आँखें
लारे – साथ
तिकड़म – तरकीब, युक्ति
ईपर – इस पर
आछी – अच्छी
आपणा – अपना
क्यान – कैसे
कदई – कभी
जे – कि
लैणो – लेना
म्हारों – मेरा
कैणो – कहना

शायर रो परिचय मारवाड़ी में (Rockshayar intro in Marwadi)

थाको प्यारो शायर इरफान पिछला 18 साल सू इंजीनियरिंग सू लेर, बैंक, फैक्ट्री और अबे पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रियो है। अजमेर के बिजयनगर इलाका को रेबा वाळो म्हाको शायर एमटेक M.Tech (Electronics and Communication) है। मारवाड़ी में शायरी लिखबा में एक्सपर्ट छै म्हारा बेटा को। गूगल पर रॉकशायर (RockShayar) के नाम सू फेमस छे म्हारो शायर। इकी ज्यादा शायरी पढ़बा के लिए गूगल करो अबार।

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