डॉ. उरुक्रम शर्मा
देश में सोना गायब होना, चोरी होना और या ले जाना हमेशा रहस्य बना है। हाल ही शंकराचार्य ने ज्योर्तिलिंग केदारनाथ धाम से 228 किलो सोना चोरी होने का सनसनीखेज आरोप लगाकर देश में तहलका मचा दिया। ऐसा ही तहलका 48 साल पहले देश में मचा था। जब देश की पूर्व प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी ने दिल्ली से लेकर जयपुर तक को हिला कर रख दिया था। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने जयपुर के जयगढ़ के किले से निकाला गया सोने में हिस्सा मानकर तहलका मचा दिया था। जो सारा काम गुपचुप में चल रहा था, वो सार्वजनिक हो गया।
क्या सच में केदारनाथ धाम से सोना चोरी हुआ है? आखिर शंकराचार्य के पास यह जानकारी कहां से आई? जब चोरी हुआ है तो यह भी पता होगा कि कब हुई, कितना किलो चोरी हुई आदि आदि कैसे पता चला? जब पता चल गया तो मुकदमा दर्ज क्यों नहीं करवाया? यह सवाल हैं, जिसके उत्तर हर कोई जानना चाह रहा है। केदारनाथ हिन्दुओं की आस्था का प्रमुख केन्द्र है, वहां इस तरह का होता है तो आस्था पर सीधा प्रहार होता है। इसका सच सामने लाया जाना चाहिए। कहीं यह भी जयगढ़ के किले से ले जाए गए सोने की तरह रहस्य ही ना बना रह जाए।
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1976 में इंदिरा गांधी ने जयगढ़ के किले के पानी के टैंक में छिपे सोने के अकूत भंडार को निकाला था और दिल्ली तक पूरी आवाजाही सबकी बंद कर दी थी। वैसे उस समय इमरजेंसी लगी थी और मीडिया पर पूरी तरह प्रतिबंध होने के कारण सच सामने आने से रह गया था। हालांकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री भुट्टो ने उस सोने में से हिस्सा मांगकर सारा राज खोल दिया था। बताया जाता है कि यह खजाना मुगलकाल का था। जब अकबर ने सेनापति मानसिंह को अफगानिस्तान फतह के लिए भेजा था। मानसिंह ने अफगानिस्तान जीत कर भारी मात्रा में सोना हासिल किया था। यह उन्होंने अकबर के देने के स्थान पर जयगढ़ के किले के पानी के टैंकों में छिपा दिया था। नाथावत की 1990 में प्रकाशित पुस्तक जयगढ़ द इनविजाइबल फोर्ट आफ आंबेर में इसका उल्लेख है।
आपातकाल में मीडिया पर तो रोक थी ही, विपक्षी नेताओं को भी जेल में ठूंस दिया गया था। कांग्रेस विरोधी राजमाता गायत्री देवी को भी जेल में डाला गया। पांच महीने तक जयगढ के किले की खुदाई की गई। जयगढ के किले पर सुरक्षा की दृष्टि से हैलिकाप्टर मंडराते रहते थे। तब जयपुर वासियों को लगा कि कुछ तो है जयगढ में जो निकाला जा रहा है। यहां से निकाल कर दिल्ली ले जाया जा रहा है। दिल्ली कहां रखा जा रहा है, कहां रखा गया है, किसने रखा, यह आज तक भी रहस्य ही बना हुआ है। खुदाई के दौरान इन्दिरा गांधी और संजय गांधी ने भी दौरा किया था। तब इन्दिरा गांधी ने कहा था कि केवल 230 किलो चांदी मिली है। हालांकि कई दिनों तक जयपुर दिल्ली मार्ग बंद रहा और बड़ी संख्या में ट्रकों में भरकर सामान ले जाया गया। किसी ने यह नहीं बताया कि इन ट्रकों में क्या ले जाया गया? क्यों इतने दिनों तक जयपुर दिल्ली मार्ग को बंद रखा गया? इस रहस्य को जानने के लिए सूचना के अधिकार के तहत भी लोगों ने जानकारी मांगी, परन्तु परिणाम शून्य रहा।
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