श्री राम के पुत्र लव ने बसाया था पाकिस्तान का सबसे बड़ा शहर, जानें इसकी कहानी

 

Ram Mandir को लेकर पूरी दुनिया भर में अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है और सबको इस बात की जानकारी है कि राम भारत ही नहीं पूरी दुनिया के आस्था के केंद्र है। लेकिन आज के इस दौर में समाज कई धर्मो में बंट गया जिसके बाद उनके देवता भी अलग अलग हो गए। लेकिन हमारे पड़ोसी देश भी राम के अस्तित्व को लेकर एक राय नहीं रखते है जिसमें इस्लामिक देश pakistan तो राम मंदिर को लेकर भारत की जमकर आलोचना कर रहा है, लेकिन उसे इस बात का पता नहीं है कि उसके देश का जन्म इस भारत देश से हुआ है। आज हम आपको एक ऐसी जानकारी देने जा रहे हैं जो आज से पहले आप ने कभी नहीं सुनी होगी और इसके बारे में पाकिस्तान हमेशा से झूठ बोलता रहा है।

 

लाहौर से जुड़ा रहस्य

पाकिस्तान की राजधानी लाहौर को सभी लोग जानते है लेकिन इसके निर्माण के पीछे की कहानी श्री राम के पुत्र लव से जुड़ी है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार इस शहर को लव द्वारा बसाया गया था और यहां love temple भी बना हुआ है। लेकिन समय के साथ ही इस मंदिर का अस्तिव खत्म होता जा रहा है और उचित देखरेख करने के लिए वंहा की सरकार भी कुछ नहीं करती।  लाहौर का प्राचीन नाम लवपुरी था और इसकी स्थापना लव द्वारा की गई थी। भगवान राम जब वनवास गए तो भरत ने लव और कुश को अपना राजकाज सौंप दिया था। कुश को दक्षिण कोसल, तो वहीं लव को पंजाब दिया। इसके बाद लव ने, लवपुरी को अपनी राजधानी बनाया जो आज लाहौर के नाम से जाना जाता है। 

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लाहौर किले में लव मंदिर 

पाकिस्तान में एक लव मंदिर भी है जो Lahore Fort के अंदर स्थित है। जिसका आजादी के कई सालों पहले ही किया गया था जो एक प्रमाण है कि लाहौर लव ने बसाया था। ये मंदिर आज वीरान हो गया है और इसकी देखरेख नहीं होती।

 

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लाहौर हजारों साल पुराना 

लाहौर को लेकर एक रिपोर्ट में दावा किया गया है लाहौर शहर लगभग 4 हजार साल पहले बसाया गया था। अरब शासकों के आक्रमण से पहले यहां हिंदू और बौद्ध शासक का राज्य था। यहां एक प्राचीन शिव मंदिर भी है, जिसे टिब्बी वाला शिवालय के नाम से जाना जाता है।

 

मंदिरों को तोड़ा गया

1947 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए बंटवारे के साथ ही लाहौर शहर पाक में चला गया था। धर्म के नाम पर पाकिस्तान का उदय हुआ और इसी वजह से वहां हिंदू मंदिरों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया जो मंदिर बचे है उनकी देखरेख नहीं होती है। लेकिन कई हिंदूओं ने पाकिस्तान में मंदिरों को लेकर बड़े खुलासे किए है लेकिन इसके बाद भी इनको नष्ट किया जा रहा है।

 

कसूर शहर कुश के नाम पर

पाकिस्तान के कसूर शहर का नाम कुश के नाम पर रखा गया था जो लाहौर से 50 किमी दूर है। इतिहास के अनुसार इस शहर का अस्तित्व 1500 में आया था और इसका पूरा अस्तित्व सिंधु घाटी के समय सामने आया।

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