श्रीराम के पुत्र लव ने बसाया था पाकिस्तान का ये शहर, अब ऐसी है मंदिरों की हालत

 

जयपुर। पाकिस्तान 1947 से पहले भारत का ही एक अंग था जो अब एक मुस्लिम देश है। किसी जमाने में भारत यानि आर्यावर्त की सीमाएं आधे एशिया महाद्वीप तक फैली थी। इसी वजह से सनातनी संस्कृति से जुड़े कई तथ्य एशिया के कई देशों में आज भी मौजूद है। ऐसा एक शहर पाकिस्तान के पंजाब राज्य में भी है जिसको लाहौर कहा जाता है। लहौर से भारतीयों का गहरा नाता है। ऐसे में हम आपको इस शहर को लेकर बहुत ही रोचक फैक्ट बता रहे हैं जो चौंकाने वाला है।

 

श्रीराम के पुत्र लव ने बसाया था लाहौर

 

पाकिस्तान के लाहौर शहर को भगवान श्रीराम के पुत्र लव ने बसाया था जिसका नाम पहले लवपुरी था। कहा जाता है कि जब भगवान श्रीराम ने वानप्रस्थ जाने का निर्णय लिया, तब उन्होंने भरत के मना करने पर भी अपने बेटों लव और कुश को अपना राजकाज सौंप दिया था। श्री राम ने कुश को दक्षिण कोसल, कुशस्थली और अयोध्या राज्य सौंपा। वहीं लव को पंजाब राज्य दिया था। इसके बाद लव ने लवपुरी को अपनी राजधानी बना दिया। यह लवपुरी शहर ही आज का लाहौर है जो काफी प्रसिद्ध है। हालांकि आपको बता दें कि वाल्मीकि रामायण में इस बात का जिक्र नहीं किया गया है।

 

लाहौर किले में है लव मंदिर

 

पाकिस्तान में लाहौर किले में एक मंदिर है जिसको लव मंदिर कहा जाता है। यह भी कहा जाता है कि जिस दौर पंजाब में सिखों का सम्राज्य हुआ करता था उसी समय यह मंदिर बनाया गया था। हालांकि, अब मंदिर खाली पड़ा है और इसकी देखरेख के लिए भी कोई नहीं है। इसके अलावा लव के भाई कुश ने जिस कुशावती राज्य पर राज किया था उसे आज पंजाब में कासुर जिले के नाम से जाना जाता है।

 

यह भी पढ़े: Top 5 Jaipur Bazar जिन्हें दुनियाभर में मिली है पहचान, जानें खासियत

 

आर्य समाज का गढ़ था लाहौर

 

आपको बता दें कि लाहौर हिंदू, मुगल, सिख, पठान, ब्रिटिश सम्राज्य की मिली-जुली संस्कृति वाला शह है जो किसी समय आर्य समाज का गढ़ हुआ करता था। यही से संस्कृत ग्रंथ का प्रकाशिन हुआ और संस्कृत का प्रचार-प्रसार भी बात करें, पाकिस्तान के कसूर शहर की जिसका नाम कुश के नाम पर रखा गया। यह शहर लाहौर से लगभग 53 किमी दूर है। हालांकि, इतिहासकारों के मुताबिक इस शहर का अस्तित्व 1525 में आया था। यह भी कहा जाता है कि कसुर वो शहर है जो सिंधु घाटी सभ्यता के दौरान अस्तित्व में आया था।

 

4 हजार साल पुराना शहर है लाहौर

 

दावा किया जाता है कि लाहौर शहर लगभग 4000 साल पुराना है। अरबों के आक्रमण से पहले इस जगह पर कई बड़े हिंदू और बौद्ध शासकों ने राज किया था। टिब्बी बाजार लाहौर का भीड़-भाड़ वाला क्षेत्र है। यहां पर एक प्राचीन शिव मंदिर भी स्थित है, जिसे टिब्बी शिवालय कहा जाता है।
 

Anil Jangid

Anil Jangid डिजिटल कंटेट क्रिएटर के तौर पर 13 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। 10 साल से ज्यादा समय डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर राजस्थान पत्रिका, 3 साल से ज्यादा cardekho.com में दे चुके हैं। अब Morningnewsindia.com और Morningnewsindia.in के लिए डिजिटल विभाग संभाल रहे हैं।

Recent Posts

The Secret Behind Saumic Craft Success in Helping Artisans!

India is known for handmade crafts. Our artisans make beautiful items with their hands, keeping…

3 घंटे ago

Saumic Craft: Helping India to Start ₹0 Investment Businesses

In today’s time, everyone wants to do their own business. But the biggest problem is…

3 घंटे ago

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर रखे अपने दिल के स्वास्थ्य का ख्याल

World Health Day : विश्व स्वास्थ्य दिवस हर साल 7 अप्रैल को मनाया जाता है…

4 घंटे ago

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सराहे पीएमश्री स्कूल राहोली के शैक्षणिक नवाचार

टोंक। विगत तीन वर्षों से अपने शैक्षणिक नवाचारों से चर्चित राहोली के पीएमश्री राजकीय उच्च…

3 दिन ago

क्षत्रिय समाज की बड़े आंदोलन की तैयारी: ठाकुर शिवराज सिंह शक्तावत

जयपुर। हाल ही में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के द्वारा दिए गए विवादित…

4 दिन ago

नववर्ष पर होगा विराट पथ संचलन

जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ऋषि गालव भाग द्वारा 30 मार्च, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष पर…

1 सप्ताह ago